जागरण संवाददाता,नवांशहर :्र अखिल भारतीय संत परिषद के हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के प्रभारी संतों और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने सोमवार को नवांशहर का दौरा किया। यह दौरा हिमाचल के ऊना जिला में 17,18और 19अप्रैल को होने वाली धर्म संसद को सफल बनाने के लिए किया गया। इस दौरान सिद्धा महानरेश्वर मंदिर वाहेगुरु नगर में आचार्य स्वामी ऋषि राज, हिदू नेता भारती अंगारा व सत्यदेवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जब जब धर्म पर संकट आया है तब संत ही आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि आज हर तरह से हमारी धार्मिक आस्थाओं और मान्यताओं पर आघात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कहीं हमारे मठ तोड़े जा रहे हैं तो कहीं हमारे संत महात्माओं की हत्या हो रही है। इसके अलाव हिंदू बहन, बेटियों को लव जिहाद करके बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी धार्मिक आस्था की प्रतीक गौ माता को कत्ल किया जा रहा है। उन्होंन कहा कि हमारा सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि हमारे पास अपना कोई देश नहीं है जहां हम अपनी आस्थाओं और धार्मिक मान्यताओं के साथ ससम्मान जीवित रह सकें। स्थिति यह है कि आज भारत मे हिन्दू

जनसंख्या अनुपात लगातार घटता जा रहा है। बाल बाबा योगी ज्ञान नाथ ने कहा कि आज भारत देश में सनातन धर्म तथा धर्मालंबियों पर हो रहे कुठाराघात किसी से छिपे नहीं है। चाहे वो पालघर के संतो की निर्मम हत्या हो या प्रयाग राज में संतो की हत्या। राम मन्दिर के लिय चंदा मांगने बाला रिकू शर्मा हो या तिरंगा लेकर जाता हुए चन्दन शर्मा हो। श्री श्री 108महन्त सीता राम जी महाराज ने कहा कि आज हिन्दू समाज अपने धर्म को ना जानने के कारण इस दुर्गति को प्राप्त हुआ है। अगर हिन्दू समाज को अपने अस्तित्व को बचाना है तो अपने धर्म को समझ कर संघर्ष करना पड़ेगा।अगर हिन्दू समाज अब भी संघर्ष नहीं करेगा तो कोई भी देवता या अवतार अब हिन्दू को बचा नहीं सकता। अब हिन्दू को अपने बच्चों के भविष्य को नेताओ के भरोसे पर न छोड़कर स्वयं प्रयास करना पड़ेगा। शिवसेना नेता नरेंद्र राठौर ने कहा की वैसे तो हम संतो पर उंगली उठाते हैं कि संत धर्म के लिय कुछ नहीं करते आज कुछ संत है जो अपनी जान की बाजी लगाकर हमारे बच्चों और देश को बचाने के लिय निरन्तर प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान शिव सेना हिन्द के भारती अंगारा ने धर्म संसद के सदस्यों को आश्वासन दिया है कि पंजाब के सभी सनातनी इस धर्म संसद में उनके साथ हैं। इस अवसर पर स्वामी सागर गिरी महाराज, स्वामी नारद गिरी महाराज , माता आनंद गिरि आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jagran

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट