जेएनएन, नवांशहर : राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) ने स्थापना दिवस पर यहां बारादरी गार्डन में शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में संघ के 216 सदस्यों ने भाग लिया। जिला कार्यवाहक गुड़केश शर्मा ने बताया कि आरएसएस की स्थापना सन 1925 में विजयदशमी के दिन नागपुर में हुई थी, इसलिए संघ विजय दशमी वाले दिन अपना स्थापना दिवस मनाता है। जालंधर विभाग प्रचारक से आए बौधिक पुरषोत्तम ने संघ के बारे में विशेष जानकारी देते हुए इसका इतिहास बताया। कहा, संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने संगठन की स्थापना की थी। देश की आजादी की लड़ाई में वे शामिल हुए थे। उन्होंने आजादी के बारे में कई गहन अध्ययन किए। इसके बाद सन 1925 में विजयदशमी वाले दिन नागपुर में संगठन व देश को स्वतंत्र कराने के लिए आरएसएस की स्थापना की थी। उस समय संघ की प्रतिज्ञा में हर सदस्य देश को आजाद कराने का संकल्प लिया गया था। डॉ. हेडगेवार ने कहा था कि हिन्दू समाज की फूट के कारण बार-बार हमारे देश में विदेशी हमलावर आए। उन्होंने हमें बार-बार लूटा तथा हमारे राजा बन बैठे। उनकी विचारधारा को लोगों ने आत्मसात किया। बौधिक पुरषोत्तम ने बताया कि आज संघ देश का एक बहुत बड़ा संगठन बन चुका है। इसकी हजारों शाखाएं समाज भलाई के काम कर रही हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय सम्मान को पुनर्जीवित करने में संघ का अमूल्य योगदान रहा है। मुकंदपुर कालेज के डॅा. धर्मजीत सिंह ने बताया कि संघ ने 1925 से अब तक के समाज भलाई के कार्य के बारे में लोगो को अवगत करवाया। इस मौके राष्ट्रीय स्वयं संघ के ध्वज की प्राथर्ना सतीश कुमार द्वारा करवाई गई। इस मौके बंगा विभाग के संघ संचालक नरिदर जैन, सुशील कुमार बंगा, परमजीत मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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