जागरण संवाददाता, नवांशहर :

सिविल सर्जन डा. दविदर ढांडा के दिशानिर्देशों के अंतर्गत सेहत विभाग ने कोरोना महामारी को कंट्रोल करन के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इस संबंध में सहायक सिविल सर्जन डा. जसदेव सिंह ने कोरोना की मौजूदा स्थिति, इलाज, बचाव और सावधानियों संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि जिले में दिन प्रतिदिन बढ़ रहा कोरोना वायरस का ग्राफ चिता का विषय जरूर है। परन्तु इसके साथ ही राहत की खबर है कि इस बार कोरोना की लहर इंसानी जिदगी के लिए पहले की अपेक्षा कम घातक है। पिछली लहर के मुकाबले कोरोना से पीडित व्यक्ति को कुछ दिन गले की खराबी की तकलीफ होती है और फेफड़ों का बचाव रहता है। कोरोना महामारी को कंट्रोल करने के लिए सबसे अहम उपाय जल्द से जल्द संपूर्ण टीकाकरण करवाना और सेहत विभाग की तरफ से जारी सभी जरूरी हिदायतों का पालना करना है।

डा. जसदेव सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के साथ संबंधित मरीजों को तीन लौटी कपड़े का मास्क पहन कर रखना चाहिए और खाना खाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन के साथ साफ करने चाहिएं और तंदरुस्त रहने के लिए पौष्टिक खाना चाहिए और सैनीटाजर का प्रयोग करना चाहिए। मरीज का होम आइसोलेशन वाला कमरा अलग होना चाहिए और इस कमरे को एक प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराईड के साथ साफ करना चाहिए। मरीज को दूसरे पारिवारिक सदस्यों से अलग रहना चाहिए और आपसी दूरी छह फुट की बना कर रखनी चाहिए। जब भी कोई व्यक्ति कोरोना पाजेटिव आए तो उसे तुरंत होम आईसोलेट हो जाना चाहिए, जिस के साथ कोरोना वायरस की चेन टूटेगी और इसके प्रसार को रोकने में सफलता मिलेगी। जिले में कुल 623 एक्टिव केस हैं, जिन में से 602 कोविड पाजेटिव मरीज अपने घरों में होम आइसोलेट हैं, जबकि बाकी 6 मरीज जिले में कोविड केयर स्तर -2 और स्तर -3 अस्पतालों में दाखिल हैं। ब्लाक स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीमें कोरोना वायरस के मरीजों की सेहत पर तीखी नजर रख रही हैं और यदि किसी मरीज को कोई समस्या पेश आती है तो सेहत विभाग उसे कोविड -19 के इलाज के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कोविड केयर स्तर -2 और स्तर -3 की सुविधा में रैफर कर देता है। कोरोना पाजेटिव होने पर किसी भी व्यक्ति को घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि सेहत विभाग कोरोना पीडित मरीजों की बेहद गंभीरता के साथ देखभाल कर रहा है। कोरोना पाजेटिव व्यक्तियों को होम आईसोलेट करके मिशन फतेह किटें भी मुहैया करवाई जा रही हैं, जिनकी मदद के साथ वह अपनी सेहत की बेहतर ढंग के साथ देखरेख कर रहे हैं। कोरोना फतेह किटों घरेलू एकांतवास वाले मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए बेहद लाभदायक हैं, जिनमें पल्स आक्सीमीटर, थर्मामीटर, स्टीमर और कई जरूरी दवाएं शामिल हैं। मिशन फतेह किट की मदद के साथ कोरोना मरीज जल्दी सेहतमंद हो रहे हैं। सहायक सिविल सर्जन ने बताया कि होम आइसोलेट मरीजों की सेहत संभाल के लिए जागरूकता भी बहुत जरूरी है, जिस संबंधी सेहत विभाग की तरफ से सभी जरूरी हिदायतें जारी की गई हैं, जो होम आइसोलेशन किए गए मरीजों के लिए बहुत जरूरी हैं। यदि कुछ दिन बु़खार रहने पर गले की खराबी लगातार रहे तो बेझिझक कोरोना टैस्ट करवाना चाहिए, जिससे समय रहते इस संक्रमण के ओर घातक रूप से बचा जा सके।

Edited By: Jagran