संवाद सहयोगी, राहों : नगर कौंसिल राहों के अध्यक्ष अमरजीत सिंह बिट्टा ने नगर कौंसिल कार्यालय में कौंसिल के उपाध्यक्ष मोहिदर पाल, राजू चोपड़ा, लवली राणा, हर्ष जोशी के साथ एक प्रेस वार्ता करके कहा कि उनकी अनुमति के बिना कार्यकारी अधिकारी (ईओ) या एडीसी (शहरी विकास) नगर कौंसिल में किसी कर्मचारी को नियुक्त नहीं कर सकते। उन्होंने एडीसी के आदेशों को असंवैधानिक करार देते हुए राहों नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) का पत्र नंबर 544 दिनांक 24/5/ 2022 जारी करते हुए एडीसी (शहरी विकास) के आदेशों के बाबत जानकारी दी। उन्होंने एडीसी (शहरी विकास) के आदेशों को असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब नगर कौंसिल अधिनियम, 1911 की धारा 39 के तहत नगर कौंसिल में नियुक्ति के लिए पहले अखबार में विज्ञापन देना होता है और उसके बाद ही उक्त कार्य के लिए सक्षम व्यक्ति को नियुक्त किया जाता है, जिसे नगर कौंसिल हाउस से पारित होने के बाद ही किसी व्यक्ति को नियुक्त किया जा सकता है। उन्होंने आप नेता ललित मोहन पाठक और नगर कौंसिल राहों के पूर्व अध्यक्ष हेमंत रंदेव बाबी पर भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लोग राजनीतिक झगड़ों में शामिल होने के कारण नगर कौंसिल पर दबाव डाल रहे हैं। ललित मोहन पाठक नगर कौंसिल कार्यलय की सभी गतिविधियों में बाधा डाल रहे हैं। अब वह राहों नगर कौंसिल के कर्मचारियों को गलत काम करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। शहर का विकास कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान पूर्व विधायक अगंद सिंह ने करवाया है।

गौर हो कि नगर कौंसिल राहों के चुनाव के बाद अमरजीत सिंह जौहल बिट्टा द्वारा अध्यक्ष बनने के बाद से 2016 से नगर कौंसिल में आउटसोर्स के रूप में कार्य कर रहे बिट्टू को बर्खास्त करने का मामला गहराता जा रहा है। 23 मई 2022 को एडीसी (शहरी विकास) की ओर से राहों नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) को जारी पत्र नंबर 526 ए/डी दिनांक 23/5/2022 जारी करते हुए आदेश जारी करते हुए लिखा कि 2016 में आउटसोर्स के जरिए काम कर रहे किरपाल सिंह बिट्टू को दोबारा काम पर रखा जाए। चालक किरपाल सिंह निवासी राहों को नगर कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष हेमंत रंदेव बॉबी ने 2016 में नगर कौंसिल में आउटसोर्स नीति के तहत ड्राइवर के रूप में नियुक्त किया था। उस समय नगर कौंसिल में अकाली दल का बहुमत था। अब नगर कौंसिल के मौजूदा अध्यक्ष अमरजीत सिंह बिट्टा ने नगर कौंसिल के कार्य में लापरवाही के आरोप में उक्त नगर परिषद के एक कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया। तब से यह मुद्दा लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद : ललित मोहन पाठक

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ललित मोहन पाठक ने कहा कि राहों कौंसिल अध्यक्ष अमरजीत सिंह बिट्टा द्वारा उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से झूठे और बेबुनियाद हैं। यह नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) की जिम्मेदारी है। आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत देख चौंक गए कांग्रेस अध्यक्ष अमरजीत सिंह बिट्टा बौखला गए हैं। उन्होंने किसी भी काम के लिए किसी की सिफारिश नहीं की। आम आदमी पार्टी जल्द ही राहों के विकास कार्यों का निरीक्षण करेगी फिर सबकी सच्चाई सामने आ जाएगी। लोगों का ध्यान भटका रहे हैं कौंसिल प्रधान : हेमंत रंदेव

नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष हेमंत रंदेव बॉबी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि राहों नगर कौंसिल के अध्यक्ष अमरजीत सिंह बिट्टा और उनके साथियों की आदत हो गई है। नगर कौंसिल अध्यक्ष की ओर से शहर का कोई भी विकास करवाया नहीं जा रहा। जिस कारण वे पूरी तरह बौखलाए हुए हैं और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इधर उधर बाकी लोगों पर झूठे इल्जाम लगाकर लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। पूर्व विधायक के इशारे पर निकाला नौकरी से : किरपाल सिंह

2016 से नगर कौंसिल राहों में आउटसोर्स नीति के तहत काम कर रहे हैं कर्मचारी किरपाल सिंह उर्फ बिट्टू ने कहा कि उन्हें उनके राजनीतिक रंजिश के कारण नगर कौंसिल कार्यालय से निकाला गया है। किरपाल सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक के इशारे पर अमरजीत सिंह बिट्टा तथा अन्य कांग्रेसी पार्षदों की ओर से उन्हें निकाला गया है। देश का संविधान हमें आजादी देता है और वोट डालने का अधिकार है। हम जिसे चाहे उसे वोट दे सकते हैं, लेकिन पूर्व विधायक अंगद सिंह की ओर से उनकी पार्टी को वोट न डालने के कारण मुझे इस नौकरी से निष्कासित किया गया है, जो कि सरासर गलत है। बिट्टू ने पंजाब सरकार से मांग की है कि उन्हें न्याय दिया जाए।

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