वासदेव परदेसी, नवाशहर

आजकल शहरों में मोटरसाइकिल रेहड़ों या जुगाडू वाहनों की संख्या में बड़ी तेजी से बढ़ रही है। मोटरसाइकिल के हिस्से के साथ रेहड़ी लगाकर इसे भार ढोने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सड़कों पर दौड़ रहे मोटरसाइकिल ट्रॉलीनुमा वाहन (रेहड़े) जहां अवैध हैं, वहीं ये लाखों रुपये खर्च कर भार ढोने के लिए खरीदे गए छोटे वाहनों के लिए भी परेशानी बने हुए हैं।

गौर हो कि मोटरसाइकिल ट्रॉलीनुमा वाहन बनाने के लिए मात्र कुछ हजार रुपये खर्च किए जाते हैं, जबकि वैध तरीके से भार ढोने के लिए वाहन खरीदने में लाखों रुपये खर्च होते हैं। इतना ही नहीं, ये मोटरसाइकिल ट्रालीनुमा वाहन सड़कों पर अन्य वाहनों के लिए भी खतरा पैदा करते हैं, क्योंकि इन पर न तो कोई इंडीकेटर होता है और न ही वाहन के पीछे किसी तरह की लाइट, जिसके कारण ये दुर्घटना का भी कारण बनते हैं। यह ट्रालीनुमा वाहन (रेहड़े) सरेआम बाजारों तथा सड़कों पर घूम रहे हैं। कई शहरों में यह ट्रालीनुमा वाहन (रेहड़े) जानलेवा साबित हो चुके हैं। इन रेहड़ों के ऊपर लोहे की चादर, सरिया आदि ढोया जाता है। इस रेहड़ा चालकों की ओर से कबाड़ तथा अन्य सामान की ढुलाई की जाती है। इसके ऊपर ऊंचा कबाड़ तथा सामान रखा जाता है जोकि कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकते है।

जोगा ¨सह साहदड़ा ने बताया कि मोटरसाइकिल ट्रॉलीनुमा वाहन (रेहड़े) या जुगाडू वाहन शहर में प्रदूषण बढ़ाने में भी प्रमुख भूमिका निभाते हैं। ये वाहन विभाग के मापदंड पूरे किए बिना ही चल रहे हैं। ऐसा लगता है कि इन जुगाड़ू वाहनों पर पुलिस भी नकेल कसने में असमर्थ है। साथ ही उक्त वाहन न ही सरकार को किसी तरह का भार ढोने पर टैक्स अदा करते हैं। मोटरसाइकिल के पीछे बनाई गई ट्रालियां कई बार अंधेरा होने के कारण लाइटें न होने से आगे आते वाहन भ्रम में पड़ जाता है कि यह वाहन मोटरसाइकिल ही है, लेकिन यह तो नजदीक आकर पता चलता है कि यह मोटरसाइकिल नहीं, बल्कि मोटरसाइकिल ट्राली है। कई शहरों में ऐसे में बहुत सड़क दुर्घटनाओं में लोग घायल हो चुके हैं। जोकि सड़क हादसों को न्यौता देते हैं।

एडवोकेट ब्रज नंदन ¨सह राणा का कहना है कि हर चौक पर खड़े पुलिस वाले जहां शहर में बाइक और स्कूटर चालकों के हेलमेट न पहनने पर या फिर इंश्योरेंस आदि को लेकर चालान काटती नजर आती है, वहीं ये जुगाड़ू वाहन धड़ल्ले से शहर में सब्जी, फल, गन्ने के रस निकालने और भार ढोते सरेआम घूमते रहते हैं। मगर, इन पर कभी पुलिस को शिकंजा कसते नहीं देखा गया है। यह लोग दुर्घटनाओं को तो अंजाम तो देते ही है, बल्कि यह सभी मोटर व्हीकल एक्ट के विरुद्ध है। इन पर तुरंत सख्त कार्रवाई करके इनको बंद करना चाहिए। न ही इनकी कोई नंबर प्लेट होती है और न ही कोई चैसिस नंबर होता है और न ही इन पर कोई रिफ्लेक्टर लगा होता है। बाक्स---

जुगाड़ी मोटर साइकिल अवैध : रतन ¨सह

इस संबंध में ट्रैफिक इंचार्ज रतन ¨सह का कहना है कि यातायात में दिन प्रतिदिन वृद्धि होती जा रही हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में गाड़ियां सड़कों पर आ रही है। यह जुगाड़ी मोटरसाइकिल ट्राली वाहन लोगों ने नई स्कीम बना ली है, जोकि यातायात नियमों का उल्लंघन है। जब भी यह कोई सा वाहन मिलता है उसका नियमों के अनुसार चालान काटे जाते है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काटे जाते हैं। मानव जीवन अमूल्य है, इसकी रक्षा करनी चाहिए।

Posted By: Jagran