जेएनएन, नवांशहर : सेहत विभाग की ओर से आठ से 23 जुलाई तक सिविल सर्जन डॉ. रजिद्र प्रसाद भाटिया की अध्यक्षता में तीव्र दस्त रोकू पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके संबंध में सिविल सर्जन ने समूह प्रोग्राम अफसरों के साथ बैठक की। डॉ. राजेंद्र प्रसाद भाटिया ने कहा कि गर्मी और बरसात के मौसम में डायरिया की बीमारी आम हो जाती है, जिसके लिए सेहत विभाग की तरफ से छोटे बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु को रोकने के लिए यह पखवाड़ा महत्वपूर्ण है। पांच साल के बच्चों में ज्यादा मृत्यु का होना डायरिया का एक बड़ा कारण होता है। डायरिया से अपने बच्चों को बचाने के लिए बच्चों में पानी की कमी पूरा करना बेहद जरूरी होता है। ओआरएस का घोल, जिक की गोलियां और बच्चों को आवश्यक खुराक देकर इसे रोका जा सकता है। जिक की गोलियां 14 दिन लगातार देने से बच्चों को अगले तीन महीने तक दस्त और निमोनिया जेसी बीमारियां नहीं होती। इस पखवाड़े के दौरान आशा वर्करों द्वारा पांच साल तक के बच्चों को घर-घर जाकर ओआरएस के पैकेट बांटे जाएंगे। ओआरएस घोल को तैयार करने संबंधी आशा वर्करों द्वारा छोटे बच्चों के घरों में जाकर जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकारी सेहत संस्थाओं और प्राइवेट अस्पतालों में डायरिया से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए विशेष ओआरएस जिक कॉर्नर बनाए गए हैं। इस पखवाड़े दौरान स्कूलों में कैंप लगाकर बच्चों को खाना खाने से पहले और शौचालय के बाद अच्छी तरह हाथ धोने की प्रक्रिया प्रति बताया जाएगा। इस मौके डॉ बलविदर सिंह, डॉ सुखविदर सिंह, डॉ कुलदीप राय, डॉ राज रानी, जिला मास मीडिया और सूचना आश्रम जगत राम, अजय कुमार और सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।

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