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मिलावटखोरों पर FSSAI का बड़ा प्रहार, 14 दिन में देनी होगी फूड सैंपलिंग रिपोर्ट; केंद्र ने जारी किए नए नियम

Published: Fri, 18 Sep 2026 05:30 AM (IST)

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरों पर त्वरित कार्रवाई के लिए नए नियम जारी किए हैं।

खाने-पीने की वस्तुओं की जांच रिपोर्ट अब 14 दिन में देना अनिवार्य।

खाने-पीने की वस्तुओं की जांच रिपोर्ट अब 14 दिन में देना अनिवार्य।

HighLights

  1. FSSAI ने खाद्य नमूनों की जांच के लिए सख्त समय-सीमा तय की

  2. घरेलू नमूनों की रिपोर्ट 14 दिन, आयातित की 5 दिन में देनी होगी

  3. नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे, मिलावट पर लगेगी लगाम

शुभेंदु शुक्ला, नवांशहर (पंजाब)। देश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरों पर त्वरित कार्रवाई के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बड़ा निर्णय लिया है।

केंद्र सरकार ने फूड सैंपल्स की टेस्टिंग के लिए सख्त समय-सीमा तय करते हुए राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के तहत अब किसी भी खाद्य प्रयोगशाला को खाने-पीने की वस्तुओं के सैंपल मिलने के 14 दिन के भीतर अपनी फाइनल टेस्टिंग रिपोर्ट सौंपनी होगी।

विदेशों से आयात होने वाले खाद्य पदार्थों के मामले में यह समय-सीमा मात्र पांच दिन तय की गई है। भारत सरकार के राजपत्र में 15 सितंबर 2026 को खाद्य सुरक्षा और मानक (प्रयोगशाला और नमूना विश्लेषण) संशोधन विनियम, 2026 प्रकाशित कर दिया गया है।

ये नए नियम एक अप्रैल, 2027 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगे। गजट अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई फूड एनालिस्ट (खाद्य विश्लेषक) या रेफरल प्रयोगशाला तय समय (घरेलू उत्पादों के लिए 14 दिन और आयातित के लिए पांच दिन) के भीतर सैंपल की जांच पूरी नहीं कर पाती है, तो उसे छूट नहीं मिलेगी।

एनालिस्ट को जांच में लगने वाले अतिरिक्त समय और देरी की ठोस वजह के बारे में संबंधित अधिकारी और खाद्य सुरक्षा आयुक्त को लिखित रूप में सूचित करना अनिवार्य है। नए नियमों (विनियम 2.5) में जांच के तरीकों को भी स्पष्ट किया गया है।

खाद्य पदार्थों की जांच मुख्य रूप से एफएसएसएआई द्वारा समय-समय पर जारी मैनुअल के आधार पर ही होगी। जांच पूरी होने के बाद रेफरल प्रयोगशाला के निदेशक या फूड एनालिस्ट को विधिवत हस्ताक्षरित रिपोर्ट तुरंत भेजनी होगी।

मिलावट पर लगेगी लगाम, कारोबारियों को भी राहतवर्तमान में फूड सैंपलिंग की रिपोर्ट आने में कई बार सप्ताह या महीनों लग जाते हैं, जिससे खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद लंबे समय तक बाजार में बिकते रहते हैं।

14 दिन की सख्त समय-सीमा लागू होने से राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग त्वरित कार्रवाई कर सकेंगे और मिलावटखोरों पर जल्द शिकंजा कसेगा। इसके अलावा, आयातित सामानों की पांच दिन में रिपोर्ट आने से बंदरगाहों पर फूड क्लीयरेंस की प्रक्रिया बेहद तेज होगी। इससे सामान खराब होने का डर कम होगा और विदेशी व्यापार करने वाले आयातकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।