जागरण संवाददाता, नवांशहर : जिला उपभोक्ता फोरम ने पतंजलि आयुर्वेद पर 10 हजार रुपये का जुर्माना व जमा करवाई गई पूरी रकम वापिस करने का निर्देश दिया है। कंपनी के बैंक अकाउंट में रुपये जमा करवाने के बावजूद कंपनी की ओर से आन लाइन खरीदे गए प्रोडक्ट नहीं भेजे गए थे। बलाचौर निवासी ओम प्रकाश ने फोरम से शिकायत की है कि उन्होंने पतंजलि आयुर्वेद से कुछ प्रोडेक्ट आन लाइन खरीदे थे। कंपनी के संजीब घोष ने 12 अक्टूबर 2017 को उन्हें 35 हजार रुपए व 13 अक्टूबर को 21500 रुपए जमा करवाने के कहा। उन्होंने बताए हुए पंजाब नेशनल बैंक के बैंक अकाउंट में आन लाइन जमा करवा दिए। रुपये जमा करवाने के बावजूद उन्हें कंपनी की ओर से कोई प्रोडक्ट नहीं मिला।जब उन्होंने इस संबंध में संजीब घोष से बात की तो उसने बताया कि रुपये कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर हुए थे और उसे किसी ने निकलवा लिया है। उन्होंने कई बार शिकायत करने की कोशिश लेकिन किसी से बात नहीं हो पायी। उन्हों ने कंपनी के लीगल सेल अमित तनेजा से फोन पर बात की तो किसी प्रकार के प्रोडक्ट को भेजने से इनकार कर दिया। उन्होंने कंपनी से कई बार संपर्क साधा लेने कंपनी ने उन्हें प्रोडक्ट नहीं भेजे और रुपए भी नहीं दिए। उन्होंने फोरम से उनके 56500 रुपये वापिस दिलाने व उन्हें हुई परेशानी के एवज में 20 हजार का मुआवजा दिलवाने की मांग की।

मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी के प्रतिनिधि शिकायतकर्ता के आरोपों से इनकार कर दिया। शिकायत कर्ता ने अदालत में कंपनी के बैंक अकाउंट में रुपये ट्रांजेक्शन के सबूत व कंपनी के प्रतिनिधियों से बातचीत के ब्यौरा अदालत के समक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फोरम के प्रधान कुलजीत सिंह ने अपने आदेशों में कंपनी को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 56500 रुपये वापिस करे। इसके साथ ही उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी के मुआवजे के रूप में 10 हजार रुपए दिए जाएं।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!