चमन लाल, बंगा : केंद्र सरकार पांच जुलाई को बजट पेश करने जा रही है और इसे लेकर किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आर्थिक उन्नति की दिशा में बजट में नई बातों की उम्मीद की जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट में किसानों के लिए लाभकारी घोषणा को शामिल करने की आस है। किसानों की उम्मीदें और सुझाव को लेकर दैनिक जागरण ने क्षेत्र के किसानों से बात की तो उन्होंने बेहतर बजट होने की उम्मीद जताई। बजट कैसा होना चाहिए, इस संबंध में लोगों ने कई सुझाव दिए हैं।

किसानों को मिले फसलों के लिए ऋण मुक्त कज : रेशम

रेशम सिंह ने केंद्रीय बजट पर कहा कि इसमें किसानों व ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की पहल की जानी चाहिए। इसके अलावा बजट में स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करके किसानों की फसलों के दाम मिलने चाहिए। किसान दिनों दिन कर्ज की मार के नीचे आ रहा है, इसलिए उन्हें फसलों के लिए ऋण मुक्त कर्जा देना चाहिए। किसानों को कम भाव पर बिजली मिलनी चाहिए। खाद-बीज व कृषि उपकरण पर सब्सिडी भुगतान में पारदर्शिता लाई जानी चाहिए।

फसलों के लिए कम रेट पर दी जाए बिजली : जतिंदर

जतिदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों फसलों के लिए कम रेट पर बिजली देने का बजट में प्रबंध करे। किसान मुफ्त बिजली नहीं लेना चाहते, लेकिन बिजली को लगातार देने के प्रयास करने चाहिए। बजट में गरीब किसान के विकास के लिए बेहतर उपाय की जरूरत है। गरीब, मजदूर, किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं को शामिल किया जाना चाहिए। खेतीबाड़ी आधारित उद्योग को बढ़ावा देकर बेरोजगारी को रोकने का ठोस प्रयास किया जाना चाहिए।

जीएसटी के दायरे में लाया जाए पेट्रोल-डीजल : हरिंदर

किसान नेता हरिदर सिंह ने कहा बजट में सब वर्गोँ के हितों को मुख्य रखकर बनाना चाहिए। गरीबों को महंगाई से रहात देने के लिए टैक्सो को कम करना चाहिए, पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के अधीन लाना चाहिए। बजट में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर बहाल करने का प्रावधान किया जाना चाहिए। महिला किसानों को कृषि आधारित उद्योग से जोड़कर आर्थिक स्थिति सुधारने का ठोस प्रयास हो। कृषि क्षेत्र में बेहतरी के लिए किसानों को राहत पहुंचाने वाले बजट की जरूरत है।

छह हजार की राशि को बढ़ाकर दस हजार किया जाए : जसवीर

किसान जसवीर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से महंगाई कम होगी। किसानों की फसलों के भाव तय करने चाहिए, कीटनाशक दवाइयों पर टेक्स कम हो। बजट में गरीबों, मजदूरों, किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए सुविधा पहुंचाने वाली योजनाओं को शामिल किया जाए। किसानों को साल में छह हजार की राशि को बढ़ाकर दस हजार रुपये का प्रावधान किया जाना चाहिए। खेती से जुड़ी वस्तुओं पर टैक्स में छूट के लिए नियमों को आसान बनाना जाना चाहिए। किसानों की तरक्की का उपाय ढूंढे जाने चाहिए।

कीटनाशक दवाइयों पर टैक्स कम किया जाए : परगन

किसान परगन सिंह ने कहा कि किसानों को कीटनाशक दवाइयों पर टैक्स कम कर किसानों को राहत देनी चाहिए। उनकी फसलों के बढि़या भाव देने के लिए स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करना चाहिए। किसानों को बोनस राशि बढ़ाने के साथ मजदूरों का बोनस बढ़ाने का प्रावधान किया जाना चाहिए। सब्जियों सहित अन्य उत्पादनों में इजाफे पर ध्यान देना चाहिए। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की सूरत बदलने की कोशिश की जानी चाहिए। खाद और बीज की कालाबाजारी पर अंकुश लगना जरूरी है।

Posted By: Jagran

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