संवाद सहयोगी, राहों : सरकरी स्कूलों की इमारतों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई भी स्मार्ट पद्धति से करवाई जा रही है, ताकि बच्चों की पढ़ाई में रुचि पैदा हो। जिले के नवनियुक्त डिप्टी डीईओ नरिदर पाल वर्मा ने यह जानकारी। वह गांव काहलों स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में चल रहे पुनर्निर्माण का जायजा लेने पहुंचे थे। सरकार की सरकारी स्कूलों को सेल्फ मेड स्मार्ट स्कूल बनाने की पॉलिसी को बढि़या समर्थन मिल रहा है। इस पॉलिसी के तहत स्कूल प्रमुख अपने स्तर पर गांव वासियों, एनआरआइ भाइयों और समाज सेवी संगठनों व समाज के सहयोग से स्कूल का कायाकल्प करके उन्हें स्मार्ट स्कूल बना सकते हैं। इससे बच्चों को नई सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। स्कूल में स्मार्ट क्लास रूम बनने से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा होगी और पढ़ाई में मन लगने से स्कूलों का परिणाम भी शत प्रतिशत होगा। स्मार्ट क्लास रूम में प्रोजेक्टर और एलईडी स्क्रीन द्वारा बच्चों को अत्याधुनिक पद्धति से पढ़ाया जाएगा। इससे स्कूलों में बच्चों की संख्या में भी इजाफा होगा। डिप्टी डीईओ ने स्कूल इंचार्ज राजिदर नाथ से स्कूल को नई लुक देने पर भी चर्चा की। इस अवसर पर स्कूल इंचार्ज राजिदर नाथ, साइंस टीचर बख्शीश सिंह सैंभी, पंजाबी टीचर किरणजीत कौर व हिदी अध्यापक हरजीत सिंह आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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