कुलविदर सिंह, नवांशहर : डेंगू के केस आने बेशक कम हो गए हैं पर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों के प्लेटलेट्स अभी भी कम हो रहे हैं। यहां बुखार की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की जब जांच की जाती है तो उनके प्लेटलेट्स कम होते हैं, लेकिन जब इन मरीजों के डेंगू टेस्ट किए जाते हैं तो रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। कोरोना के बाद डेंगू के लक्षण वाले मरीज काफी संख्या में सरकारी और निजी अस्पतालों में आ रहे हैं। नवांशहर सिविल अस्पताल में इस समय ऐसे लक्षणों वाले काफी मरीज अपना उपचार करवा रहे हैं। हालाकि इनकी हालत इस समय सही बताई जा रही है। लेकिन फिर भी इस समय सरकारी अस्पताल में डेंगू से मिलते जुलते लक्षण वाले काफी मरीज पहुंच रहे हैं। ---नवांशहर सिविल अस्पताल के डा. गुरपाल कटारिया ने बताया कि उनके पास जो भी मरीज आए हैं, उनके लक्षण डेंगू जैसे पाए जा रहे हैं। लेकिन जब उनकी जांच करवाई जा रही है तो रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है।

उन्होंने कहा कि इस समय अस्पताल में कोई भी मरीज डेंगू का नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय ज्यादातर मरीज ऐसे आए हैं जिनकी प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं। ---नवांशहर सिविल अस्पताल के लैब टेक्निशियन इंचार्ज बलबीर कुमार नीरज ने बताया कि अस्पताल में इस समय 3-4 मरीज आए हैं, जिनकी डेंगू की जांच की गई है। हालाकि इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इन सभी मरीजों के प्लेटलेट्स कम हो रहे थे। उनका उपचार किया जा रहा है, अब सभी मरीजों की हालत सही है। ---सिविल अस्पताल के डा. निर्मल कुमार ने कहा कि सेहत विभाग के मुताबिक तापमान में गिरावट आ रही है। इसके कारण डेंगू का कहर भी कम होता जा रहा है। शहरी क्षेत्र में डेंगू के काफी केस सामने आए हैं। डेंगू के केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग एंटी लारवा दवाई का छिड़काव करवा रहा है। उन्होंने कहा कि ठंड बढ़ने से डेंगू भले ही कम हो रहा है, लेकिन लोगों को इससे बचाव के साधनों का पालन सख्ती से करना चाहिए।

---एपिडोमोलोजिस्ट डा. जगदीप ने बताया कि इस साल डेंगू के केसों की संख्या 502 हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर केस ग्रामीण क्षेत्र से आए हैं। जो पिछले साल से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल कोरोना महामारी के चरम पर होने के कारण डेंगू के टेस्ट नहीं किए गए थे। लेकिन इस बार सेहत विभाग की तरफ से उचित तरीके से डेंगू का कहर झेल रहे क्षेत्रों में लोगों की जांच की गई है। --जहां डेंगू का मरीज मिलता है, वहां आसपास के घरों की जांच की जाती है। एंटी लारवा का छिड़काव किया जाता है। फागिग की जिम्मेदारी नगर कौंसिल की है। बंगा रोड सहित कई मोहल्लों में कचरे के कारण हालात खराब हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस संबंधी बार-बार नागर कौंसिल प्रशासन को अवगत करवाने के बावजूद सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इससे बदलते मौसम में डेंगू सहित कई तरह की बीमारियों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। बंगा रोड पर पड़ी गंदगी के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

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