संवाद सहयोगी, नवांशहर : सिविल सर्जन डा. गुरिदरबीर कौर के दिशा-निर्देशों और जिला एपिडेमोलोजिस्ट डा. जगदीप सिंह के नेतृत्व में सेहत विभाग डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए निरंतर कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी के तहत सिविल सर्जन दफ्तर की टीम की तरफ से जिले के अलग -अलग स्थानों पर डेंगू की रोकथाम के लिए सर्वे करने के साथ-साथ जागरूकता मुहिम चलाई गई।

डा. जगदीप सिंह ने बताया कि जिले के उम्मटां मोहल्ला, दशमेश नगर बंगा रोड, गुज्जरपुर कालोनी नवांशहर और आसपास के इलाकों में डेंगू विरोधी सर्वे किया गया। इस दौरान टीम की तरफ से घरों में जाकर डेंगू के लारवा की जांच की गई और लोगों को जागरूक किया गया।

डा. जगदीप ने बताया कि डेंगू और मलेरिया से बचने के लिए सब से ज्यादा जरूरी है कि मच्छरों की पैदावार को ही रोका जाए। क्योंकि इलाज की अपेक्षा परहेज ज्यादा बेहतर है। डेंगू बुखार का सीजन चल रहा है। डेंगू मच्छर कूलरों, कंटेनरों, फ्रिज के पीछे लगीं ट्रे, गमलों, घरों की छतों पर पड़े टायरों, कबाड़ आदि में ठहरे साफ पानी में पैदा होता है। एक सप्ताह में एक अंडे से पूरा जवान मच्छर बनकर तैयार हो जाता है। एक चम्मच पानी में भी यह मच्छर पैदा हो जाता है। यह मच्छर ज्यादातर सुबह और शाम को काटता है।

उन्होंने मीडिया के जरिये आम लोगों को भी अपील की कि हमें डेंगू से बचाव के लिए अपने घर के आसपास पानी खड़ा नहीं होने देना चाहिए। हफ्ते में एक बार कूलर, फ्रिज की ट्रे की सफाई जरूर करनी चाहिए, जिससे मच्छर का लारवा खत्म किया जा सके। हर बुखार वाले मरीज को नजदीक की सेहत संस्था या अस्पताल के साथ मुफ्त जांच के लिए संपर्क करना चाहिए।

इस मौके डा. जगदीप सिंह ने बताया कि इस मौसम में डेंगू से होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए सेहत विभाग की बताईं सावधानियों की पालना जरूर करनी चाहिए। गलियों, नालियों और छप्पड़ों में काले तेल का छिड़काव करना चाहिए। ऐसे कपड़े डालने चाहिएं, जिनके साथ पूरा शरीर ढका हुआ हो। जिससे मच्छर न काट सके। रात को सोने समय पर मच्छरदानी और मच्छर रोकू क्रीम और यंत्रों का प्रयोग करना चाहिए। इस मौके सर्वेक्षण टीम में हेल्थ वर्कर लखवीर भट्टी, गुरदेव सिंह, ब्रीडर चेकर जसप्रीत, सूरज, आशा वर्कर कांता देवी और रणजीत कौर समेत ओर कर्मचारी उपस्थित थे।

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