संवाद सूत्र, नवांशहर : आर्ट ऑफ लि¨वग नवांशहर इकाई की तरफ से आयुर जागृति कैंप रोटरी भवन में 11 जनवरी को शुरू किया गया और 13 जनवरी को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। जिसमें लोगों के स्वास्थ्य जीवन जीने के लिए अपने शरीर की प्रकृति एवं विकृति के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी हासिल की। इस कैंप को विशेष रूप में भाग लेने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. रूचि बैंगलोर आश्रम से नवांशहर पहुंची। उन्होंने आए हुए सभी प्रतिभागियों को उनके शरीर के बनावट के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने चेहरा, कान, गला कंधे और हाथ, पीठ, छाती और पेट के लिए दैनिक खींचाव से संबंधित कुछ ऐसे व्यायाम बताएं जिनसे उनके शरीर में ऊर्जा का संचार हो सके और शरीर तनाव मुक्त और रोग मुक्त हो सके। उन्होंने वातपित्त और कफ प्रकृति के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। डॉ रूचि ने शरीर में स्ट्रेच फुल व्यायाम, प्राणायाम और यौगिक मुद्राओं जैसे की वायु मुद्रा, प्राण मुद्रा, पीठ दर्द मुद्रा, वरुण मुद्रा, अपान मुद्रा, महा¨लग मुद्रा, अपान वायु मुद्रा, सिरदर्द मुद्रा के साथ शरीर में विकृतियों को ठीक करने के कई आयुर्वेदिक टिप्स भी बताए और आयुर्वेदिक दवाइयों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने आंवला, हरीतकी, लिवोन त्रिफला देव वटी आदि औषधियों के बारे में भी बताया। उन्होंने जंक फूड के शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ते के बारे में उनके बारे में पूरी तरह से वैज्ञानिक ²ष्टिकोण से लोगों को समझाया और अपने जीवन से चीनी को और जंक फूड को अलविदा करने के लिए लोगों को प्रेरित किया। इस कैंप के आयोजक मनोज कंडा ने बताया कि यह कैंप लोगों के जीवन में आधुनिक जीवन शैली के साथ साथ सनातन प्राचीन संस्कृति आयुर्वेद से जोड़ा जाए और लोगों के जीवन में परिवर्तन लाएगा। लोगों को स्वास्थ्य जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है और ऐसी कार्यशाला है जो कि गुरुदेव रविशंकर द्वारा पूरे भारत में समय-समय पर आयोजित की जाती है।

Posted By: Jagran

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