जासं, नवांशहर : जिले पराली की जलाने व इससे होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए किसानों को कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दी जा रही हैं। जिले के 79 किसानों को 79 कृषि उपकरण उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से पराली में आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई को कमेटी का गठन कर दिया गया। पिछले साल जिले पराली को जलाने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा बरती गई सतर्कता व जागरूकता से 53 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। जिले सूबे में कम पराली जलाने के मामले में दूसरे नंबर पर था। जिले में 58 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है। इस बार जिले में पराली को जलाने से रोकने के लिए कई स्तर पर काम हो रहा है। इसके साथ ही जिले में कार्रवाई के लिए डीसी ने सब डिवीजन स्तर पर कमेट का गठन किया है। यह कमेटी पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। कमेटी में संबंधित सब डिवीजन के एसडीएम, एग्रीकल्चर अफसर, तहसीलदार, संबंधी क्षेत्र के डीएसपी व ब्लाक डेवल्पमेंट अफसर शामिल हैं।

इस बार कृषि विभाग ने जिले में बिल्कुल पराली नजलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए, जिले के किसानों को पराली को जलाने से रोकने के लिए व पराली के उचित निपटारे के लिए आवश्यक कृषि मशीनरी प्रदान किया जा रहा है। जिले में पराली से निपटारे के लिए नवीनतम कृषि मशीनरी के किसानों व उनसे संबंधित संगठनों की ओर से कुल 87 आवेदन आए थे। इसमें से 79 आवेदनों को मशीनरी की खरीद के निर्देश दे दिए गए थे। इस में से अब तक 70 फीसदी मशीनों की खरीद के बाद बिल कृषि विभाग को जमा करवा दिए गए हैं।

इस साल जिले में कृषि यंत्रों के आवेदकों को 21 हैपीपीडर, 10 पैडी स्ट्रा चॉपर्स, तीन मल्चर्स, चार आरएमबी हल (उल्टे पतवार), 18 जीरो टिल ड्रिल मशीन, 23 सुपर एसएमएस दिए जा रहे हैं। इसमें से ज्यादातर मशीनरी की खरीद किसान कर चुके हैं। --------- किसानों ने 2018 में सब्सिडी पर खरीदे कृषि उपकरण हैप्पी सीडर -- 49

चौपर -- 15

मल्चर -- 7

एमएम प्लो -- 25

जोरी ड्रिल -- 7

सुपर एसएमएस - 113

रोटावेटर -- 10 70 फीसदी बिल विभाग मिले : डॉ. सिंह

जिला मुख्य कृषि अधिकारी, डॉ. गुरबख्श सिंह ने बताया कि किसानों को पराली के निपटारे के लिए आधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवाई जा रही है। 70 फीसद बिल विभाग के पास आ गए हैं। अगले कुछ दिनों में बिलों को चंडीगढ़ भेज दिया जाएगा। इससे सब्सिडी उनके खातों में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को पराली नहीं जलाना चाहिए, बल्कि आधुनिक मशीनों से निपटारा करना चाहिए। जिले में पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई को टीमों का गठन कर दिया गया है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!