वासदेव परदेसी, नवांशहर : सरकार ने किसानों को नहरी पानी का लाभ देने के लिए नहरों को गहरा कर इनके किनारों को पक्का तो कर दिया है, लेकिन इससे बेसहारा पशुओं को नुकसान हो रहा है। लोगों ने इस समस्या पर गरही चिंता जताई है। हकूमत राय ने कहा कि नहरों के किनारों को पक्का करने से पशु मौत के मुंह में जा रहे हैं, क्योंकि नहरें पक्की तो कर दी गई लेकिन बचाव के लिए वहां कोई रास्ता नहीं छोड़ा गया है। प्रशासन को इसकी और विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अगर नहर में कोई पशु या व्यक्ति गिर जाता है उसे बचाया नहीं जा सकता है। निर्मल निम्मा ने कहा कि नहरों को पक्का करने के लिए नहर के आसपास के पेड़ काट दिए गए। अगर कोई वाहन नहर के साथ-साथ जाता था और उस पर से चालक का संतुलन खो जाता था तो वे पेड़ों के सहारे नहर में गिरने से बच जाता था। विभाग को चाहिए कि लोगों व पशुओं की सुरक्षा को देखते हुए समस्या का कोई न कोई समाधान निकाले। अश्वनी गौतम ने कहा कि जब नहर में पानी नहीं होता है तब कई बेसहारा पशु इसमें गिर जाते हैं। इसके बाद उन्हें बाहर निकालने का कोई रास्ता नजर नहीं आता। इस वजह से से कई बार मौत के मुंह में भी चले जाते हैं। इसके लिए कोई रास्ता जरूर निकालना चाहिए।

कोट्स

लोग पशुओं को नहरों के आसपास न छोड़ें। वैसे भी पशुओं को इस तरह छोड़ना धारा 144 का उल्लंघन है। आज लोग इतने निर्दयी हो गए हैं कि वे इतना भी नहीं सोचते कि जो पशु उन्हें दूध देता रहा है, उसे कैसे बेसहारा छोड़ दिया जाए।

वासुदेव, डिप्टी डायरेक्टर, पशु पालन विभाग

Posted By: Jagran

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