संवाद सूत्र, मलोट (श्री मुक्तसर साहिब)

मेडिकल कॉलेजों में सरकारी सीटों की फीसों में की जा रही बढ़ोत्तरी के रोष में राज्य के सरकारी अस्पतालों में पीसीएमएस एसोसिएशन की तरफ से काले बिल्ले लगाकर रोष प्रदर्शन किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि सरकार की तरफ से पहले ही 2015 में मेडिकल कॉलेज की सरकारी फीस एक लाख रुपये कर दी थी। अब 80 प्रतिशत बढ़ोतरी कर सरकार ने गरीब तथा होशियार बच्चों का डॉक्टर बनने का रास्ता बंद करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह लोक विरोधी फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि 2012 तक की सरकारी कॉलेज फीस कुछ सालों में ही सात से आठ गुणा बढ़ाकर एक लाख प्रति साल हो चुकी है। अब 80 प्रतिशत ओर बढ़ोत्तरी करके फीस गरीब वर्ग और मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर हो जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने फैसला वापिस न लिया तो आने वाले समय में जत्थेबंदियों की तरफ से संघर्ष किया जाएगा।

इस मौके पर मेडिकल अधिकारी मिलन प्रीत, चिमन लाल बागड़ी, प्रितपाल सिंह, वरिदर कुमार, संदीप कुमार, कर्मजीत राम तथा दया सिंह आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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