जागरण संवाददाता श्री मुक्तसर साहिब : जिले की अन्य मंडियों के बराबर श्री मुक्तसर साहब की अनाज मंडी में नरमा का उचित रेट न मिलने पर किसानों ने वीरवार को भी नरमा की बोली नहीं लगने दी। हालांकि नरमा की खरीद के लिए केवल एक ही व्यापारी आया था। नरमा उत्पादक किसानों ने अनाज मंडी में धरना दिया और व्यापारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें नरमा का अन्य मंडियों के बराबर रेट नहीं मिलता, वे नरमा की खरीद नहीं होने देंगे। भारतीय किसान मजदूर एकता यूनियन के नेता बोहड़ सिंह ने बताया के जिले की मलोट और गिद्दड़बाहा मंडी में नरमा 7000 रुपये से लेकर इससे भी अधिक रेट पर बिक रहा है, लेकिन श्री मुक्तसर साहब की मंडी में व्यापारियों की ओर से 6465 और 6500 ही प्रति क्विटल रेट दिया जा रहा है। अन्य मंडियों के मुकाबले यहां पर कम रेट देकर किसानों की लूट की जा रही है। जिसे वह किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक अन्य मंडियों के मुकाबले बराबर भाव नहीं मिलता वह नरमा नहीं बिकने देंगे। किसान नेता ने यह भी आरोप लगाया के शहर के काटन फैक्ट्री मालिक आपस में मिले हुए हैं, जिसके कारण ही केवल एक व्यापारी नरमा खरीदने के लिए पहुंचता है। किसान नेता ने कॉटन फैक्ट्रियों के आगे धरना देने की चेतावनी भी दी।

उधर, इस विवाद को लेकर तहसीलदार रमेश कुमार भी अनाज मंडी पहुंचे और उन्होंने बोली लगवानी शुरू की। इस दौरान एक ही व्यापारी था जिसमें साढ़े 6800 रुपये नरमा की बोली लगाई। लेकिन किसानों ने इस रेट पर नरमा बेचने से इंकार कर दिया। तहसीलदार रमेश कुमार ने कहा कि किसान उन्हें लिखकर दें कि व्यापारी जान बूझकर कम रेट दे रहे हैं तो वह डीसी से बात करके व्यापारियों के साथ बात करेंगे।

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