जागरण संवाददाता, लंबी (श्री मुक्तसर साहिब)

गुलाबी सुंडी और बारिश से बर्बाद हुए नरमे का मुआवजा देने की मांग को लेकर पांच अक्टूबर से संघर्षरत भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) की अगुआई में किसानों ने मंगलवार को आठवें दिन गांव बादल में वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल का पुतला फूंका। वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के घर के आगे बैठे किसानों ने पुतला फूंकने से पहले गांव में मार्च भी किया। उन्होंने राज्य सरकार एवं वित्तमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों की पूर्ति होने तक संघर्ष को जारी रखने का ऐलान किया।

प्रदर्शनकारी किसान गुलाबी सुंडी व बरसातों से बर्बाद हुई नरमा की फसल का 60 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा 30 हजार रुपये प्रति मजदूर परिवार मुआवजा देने के अलावा नकली बीच और नकली कीटनाशक दवाओं के लिए संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। उनका पक्का मोर्चा मंगलवार को आठवें दिन में प्रवेश कर गया है। भाकियू के प्रदेश सचिव शिगारा सिंह मान ने कहा कि वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के घर के आगे धरने पर बैठे हुए उन्हें आठ दिन हो गए हैं लेकिन आज तक वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने अपना मुंह नहीं खोला है जिसके चलते किसानों में उनके प्रति भारी रोष है। इस कारण उन्हें वित्तमंत्री का पुतला फूंकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि बेशक बुधवार को डीसी की ओर से उनकी चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के प्रमुख सचिव तथा कृषि विभाग के सचिव के साथ बैठक कराने की बात कही गई है। अगर इसमें भी उनकी मांग पर सुनवाई नहीं हुई तो संघर्ष न केवल इसी तरह जारी रहेगा, बल्कि और भी तेज किया जाएगा। किसान और मजदूर अब मुआवजा लेकर ही वापस लौटेंगे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।

Edited By: Jagran