संवाद सहयोगी, श्री मुक्तसर साहिब

धीमी लि¨फ्टग से गुस्साए किसानों व गल्ला मजदूरों ने शुक्रवार को मार्केट कमेटी के दफ्तर का घेराव कर डाला। जिस दौरान उन्होंने राज्य सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। मजदूरों ने कहा कि एक ओर तो सरकार हर तरह के प्रबंध करने के दावे कर रही है। लेकिन मंडियों में बोरियों को अंबार लगे हुए हैं जिस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में गेहूं उतारने तक की जगह नहीं बची है।

उन्होंने कहा कि मंडी में न तो पेयजल की सुविधा है और न ही चौकीदार है जिस कारण किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। किसान रात को भी लावारिस पशुओं को भगाने में जुटे हुए हैं। लेकिन कमेटी इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। यहां तक कि मंडी में लि¨फ्टग वाले ठेकेदार से भी पूरा मसला नहीं सुलझ रहा है। ट्राली में 140 गट्टे भरे जा रहे हैं। यदि रोजाना डेढ़ लाख गट्टा उठाया जाए तो इस समस्या का हल हो सकता है। लेकिन मंडी से रोजाना मात्र 70 हजार गट्टा ही उठाया जाता है। आने वाले दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है। यदि इसका जल्द ही हल नहीं किया गया तो किसान सड़कों पर आने को मजबूर होंगे। इस मौके पर सुखदेव ¨सह, सुमंद ¨सह, निर्मल सि¨ह, उदय ¨सह, बलवंत ¨सह, हरचरण ¨सह, राज कुमार आदि मौजूद थे। लि¨फ्टग के ठेकेदार कमल का कहना है कि स्पेशल लगी होने के कारण ही यह समस्या आ रही है। वह डीसी से बात कर इसका हल करवाने की कोशिश करेंगे। इनसेट

मजदूरों की कमी से हो रही समस्या : सचिव

मार्केट कमेटी के सचिव गुरदीप ¨सह ने बताया कि मजदूरों की कमी के कारण यह समस्या आ रही है। लेकिन अब वह ठेकेदार से बात करने जा रहे हैं। ट्रालियों की संख्या बढ़ाने के साथ ही मजदूरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। यह समस्या कुछ ही दिनों में हल हो जाएगी।

Posted By: Jagran

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