संवाद सहयोगी, श्री मुक्तसर साहिब

देश भगत ग्लोबल स्कूल की तरफ से देश भगत यूनाइटेड ग्रुप के चांसलर डा. जोरा सिंह तथा प्रो. चांसलर डॉ. तेजिदर कौर की अगुवाई में प्रिसिपल संजीव जिदल की देखरेख में पंजाबी पढ़ने कौशल मुकाबला करवाया गया। प्रिसिपल ने पढ़ने का कौशल का विकास करना है।

उन्होंने कहा कि बीते लगभग डेढ वर्ष से स्कूलों के बंद होने के कारण बच्चों में बोलने तथा पढ़ने के कौशल समाप्त होने के आसार है। इस तरह के प्रोग्राम करवाकर उनमें इस तरह के कौशल का विकास करना चाहता है। इस मुकाबले में प्रथम कक्षा से उसके बाद की सभी कक्षाओं के बच्चों ने हिस्सा लिया। पंजाबी पढ़ते हुए दो मिनट का वीडियो बनाकर अपनी कक्षा के अध्यापक इंचार्ज के साथ शेयर की। प्रिसिपल ने बताया कि पंजाबी हमारी मातृभाषा है। आजकल बहुत सारी भाषाओं में उलझकर हम अपनी मातृभाषा से दूर होते जा रहे हैं। पंजाबी बोलने तथा पढ़ने के कौशल का विकास करने के लिए सबसे पहले बच्चों ने गुरमुखी तथा व्याकरण का पूरा ज्ञान होना चाहिए। पंजाबी इतिहास बारे जानकारी देते उन्होंने कहा कि दिल्ली से इस्लामाबाद तक पंजाबी बोली जाती है। इस क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण शहर लाहौर तथा अमृतसर है। भारत में दफ्तरों, स्कूलों तथा मीडिया में गुरमुखी लिपी में पंजाबी लिखी जाती है। प्रिसिपल ने माता-पिता को कहा कि हम सबको मिलकर पंजाबी मां बोली की सेवा तथा संभाल करनी चाहिए तथा बच्चों को पंजाबी साहित तथा सभ्याचार के साथ जोड़ना चाहिए।

Edited By: Jagran