संवाद सूत्र, मलोट (श्री मुक्तसर साहिब)

महाराजा रणजीत सिंह कालेज द्वारा एक वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमें प्रख्यात कृषि अर्थशास्त्री और प्रसिद्ध पत्रकार दविदर शर्मा और बी के लड्डा, क्षेत्रीय प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक ने छात्रों और लोगों को संबोधित किया। वेबिनार के संयोजक प्रो. हिरदेपाल सिंह ने दविदर शर्मा के जीवन व्यक्तित्व और उनके अनुभव के विशाल क्षेत्र पर प्रकाश डाला।

अतिथियों का स्वागत करते हुए कालेज के प्राचार्य डा. राजिदर सिंह सेखों ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमारे छात्र विद्वानों के विचारों को सुनेंगे और कुछ नया सीखेंगे।

भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक बीके लड्डा ने कहा कि बैंक का कृषि और खेती से गहरा संबंध है। जहां किसान बैंक पर निर्भर है, वहीं बैंक भी किसान पर निर्भर है। उन्होंने खारे पानी में मछली पालन के व्यवसाय के संबंध में बैंक की नीतियों के बारे में बताया और हमेशा उनसे हर संभव सहयोग का वादा किया। शर्मा ने कृषि को विकास के इंजन में बदलना विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज का समय शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। शहरों में सस्ते श्रम की कमी है, इसलिए कृषि पर निर्भर लोगों को अपनी जीविका कमाने के लिए शहरों की ओर मोड़ा जा रहा है, जिससे कृषि प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मनमोहन सिंह सरकार ने छठे वेतन आयोग के माध्यम से निचले वर्गों के नकदी प्रवाह को बढ़ाया, जिसका सीधा फायदा सिर्फ तीन फीसद लोगों को हुआ। वही पैकेज किसानों के लिए होना चाहिए, जिसका सीधा फायदा करीब 60 फीसद लोगों को होगा। इसे कृषि जिसों के लिए एमएसपी पर कानून बनाकर और तर्कसंगत एमएसपी दर में वृद्धि कर आसानी से पूरा किया जा सकता है।

उन्होंने विस्तृत आंकड़ों के साथ भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों के कृषि बुनियादी ढांचे का आंकड़ों से विस्तार से विश्लेषण करते हुए उन्होंने साबित किया कि हमारा देश अपनी कृषि नीतियों में अमेरिकी नीतियों को अपनाकर कृषि क्षेत्र को गलत दिशा में ले जा रहा है।

Edited By: Jagran