संवाद सूत्र, श्री मुक्तसर साहिब किसी भी बीमारी का समय रहते पता चल जाए तो गंभीर रूप लेने से पहले उसका इलाज संभव है। स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर विभिन्न प्रकार की बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गतिविधियों का आयोजन करता है ताकि उन्हें बीमारी के लक्षणों और रोकथाम के लिए प्रेरित किया जा सके। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन डा. रंजू सिगला के अनुसार एवं सीएचसी चक्क शेरे वाला के इंचार्ज मेडिकल अधिकारी डा. वरुण वर्मा के अगुआई में ब्लाक अधीन जागरूकता कैंप आयोजित किए गए।

मेडिकल अधिकारी डा. जतिदर पाल सिंह ने बताया कि इस बार विश्व हेपेटाइटिस दिवस हेपेटाइटिस इंतजार नहीं कर सकता थीम के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस एक लिवर की बीमारी है जो एक वायरस से फैलती है। हेपेटाइटिस सी और बी की जांच के लिए टेस्ट जरूर कराएं। किसी भी व्यक्ति को सर्जरी, दंत चिकित्सा, रक्तदान, गर्भवती महिला को, टैटू बनवाने से पहले आदि मौकों पर जांच करानी चाहिए ताकि समय रहते बीमारी का पता लगाया जा सके। बीईई मनबीर सिंह ने बताया कि राज्य के 23 जिला अस्पतालों, तीन सरकारी मेडिकल कालेजों, 17 एआरटी केंद्रों में हेपेटाइटिस सी और बी का इलाज, बेसलाइन टेस्ट और वायरल लोड टेस्ट किया जाता है। इन संस्थानों में मरीज अपना इलाज मुफ्त में करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए किसी भी समय मेडिकल हेल्पलाइन 104 पर संपर्क किया जा सकता है।

डा. अलिशा गाबा ने कहा कि हेपेटाइटिस बी और सी को काला पीलिया भी कहा जाता है। हल्का बुखार, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख न लगना आदि इसके लक्षण हैं। इससे लिवर की सूजन और लिवर का कैंसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस से बचाव के लिए बच्चों को हेपेटाइटिस बी का टीका जरूर लगवाएं जो स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क दिया जाता है।

इस मौके पर एसआई परमजीत सिंह, स्वास्थ्य कार्यकर्ता मंजीत सिंह, फार्मेसी अधिकारी बलविदर सिंह, चरणजीत सिंह, डा. अमनप्रीत कौर, राम पाल, सुमनदीप और गांव वासी मौजूद थे।

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