संवाद सूत्र, श्री मुक्तसर साहिब

सीएचसी चक्क शेरेवाला मेडिकल अधिकारी इंचार्ज डा. अरुण वर्मा और मेडिकल अधिकारी अलीशा गाबा की अगुआई में किशोर अवस्था की युवतियों के लिए जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। सीएचसी के बीईई मनबीर सिंह ने बताया कि छात्राओं को किशोरावस्था व इससे जुड़े स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के बारे में जागरूक करने के लिए बैठक का आयोजन किया गया।

उन्होंने बताया कि किशोरावस्था वह समय है जब आप बाल अवस्था से वयस्क बनने की ओर होते हैं। शारीरिक, मानसिक एवं अल्पबौधिक परिवर्तनों की अवस्था किशोरावस्था है। यह अवस्था 11 से 19 वर्ष तक की आयु तक होती है। यह परिवर्तन शरीर में उत्पन्न होने वाले कुछ हारमोंस के कारण आते हैं जिनके परिणाम स्वरुप कुछ एक ग्रंथियां एकाएक सक्रिय हो जाती हैं। आशा सुपरवाइजर मनधीर कौर ने बताया कि किशोरावस्था में आवाज भारी हो जाती है। मांसपेशियां मजबूत हो जाती हैं, चेहरे और शरीर के अन्य अंगों पर बाल उगने लगते हैं, पसीना अधिक आने लगता है व शरीर से गंध आती है और चेहरे पर धब्बे या मुहांसे भी निकल सकते हैं। इस अवस्था में शारीरिक देखभाल, पौष्टिक खुराक और महावारी के समय आने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि इस समय में ही लड़कियां अपनी खुराक और व्यायाम आदि पर ध्यान दें तो महावारी और माँ बनने के समय में उन्हें कम परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा महावारी के समय में कपड़े की जगह सेनेटरी पैड का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि कपड़े के प्रयोग से संक्रमण का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस आयु में होने वाले व्यावहारिक बदलावों के कारण अपना ध्यान केंद्रित रखना आवश्यक है।

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