जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहब : मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन की ओर से राज्य सरकार के मुलाजिम विरोधी रवैये के खिलाफ शुरू किए गए संघर्ष के तहत कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को आठवें दिन भी जारी रही। आठवें दिन जिले भर के कर्मचारियों की ओर से डीसी दफ्तर के सामने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा पांच क्लर्कों को रिवर्ट करके सेवादार बनाने के विरोध में पठानकोट के डीसी का पुतला भी फूंका गया।

यूनियन के महासचिव वरिदर ढोसीवाल के नेतृत्व में विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने इस रोष प्रदर्शन में हिस्सा लिया। यूनियन के सरपरस्त कर्मजीत शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर फ्रंट पर मुलाजिमों के साथ धोखा किया है। पे-कमीशन के नाम पर सरकार पिछले साढे चार साल से मुलाजिमों को भ्रम जाल में फंसाए हुई है। जब सरकार ने पे-कमीशन का नोटिफिकेशन जारी किया तो सरकार की नियत से कर्मचारी वर्ग अवगत हो गए। क्योंकि इसमें मुलाजिमों को सरकार ने कुछ भी नहीं दिया। बल्कि सरकार पिछले कई सालों के बकाया महंगाई भत्ते को भी हड़प कर चुकी है। काला सिंह बेदी ने कहा कि सरकार कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें तो कर लेती है, परंतु उसे जमीनी स्तर पर लागू करने में हमेशा नाकाम साबित होती है। जिसके परिणामस्वरूप मुलाजिमों को सांझे झंडे के नीचे संघर्ष शुरू करना पड़ता है। अब भी समूह विभागों की ओर से संयुक्त रूप में संघर्ष किया जा रहा है। जिससे सभी विभागों का काम बिल्कुल ठप हो गया है। नेताओं ने पे-कमीशन की सही रिपोर्ट लागू करने, महंगाई भत्ते की बकाया किस्त जारी करने, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने आदि की मांग की। इस मौके पर सीपीएफ कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान सतनाम सिंह, जल सप्लाई विभाग के तलविदर सिंह, पंजाब रोडवेज के गुरमीत सिंह, डीसी दफ्तर के पुष्पेंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, हरबंस सिंह आदि ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। रोष प्रदर्शन में सुरेंद्र कुमार पीए, राजेंद्र सिंह बुट्टर, भूपेंद्र सिंह, जगतार सिंह, मोहन सिंह, बलविदर सिंह, राजेश कपूर, सतीश कुमार, रुपिदर बाठ, संदीप बत्रा, गुरशरण सिंह, ट्विकल बंसल, जसवंत सिंह, अशोक कुमार आदि शामिल रहे।

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