संवाद सूत्र, मलोट (श्री मुक्तसर साहिब) : मलोट की पूर्व कांग्रेसी पार्षद के बेटे गैंगस्टर मनप्रीत मन्ना की सोमवार देर शाम को मलोट के स्काई मॉल के बाहर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। लॉरेंस बिशनोई ग्रुप ने इस हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद मन्ना का अंतिम संस्कार उसके गांव भूंदड़ में उनकी जद्दी जमीन में किया गया। जहां पर कई कांग्रेसी व शिअद नेता मौजूद रहे। उधर पुलिस भी इस मामले में जांच करने में जुटी हुई है। मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना (36) निवासी मलोट सोमवार की शाम को अपने साथी जैकी कालड़ा के साथ बठिडा रोड पर नई ली जैगुआर कार में जिम में गया था। स्काई माल के पास वह करीब साढे सात बजे जिम से बाहर निकला तो फायरिग शुरु हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार करीब 25 राउंड फायर हुए जिनमें से सात मनप्रीत मन्ना के लगी जिससे उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद हमलावर महरून रंग की ब्रीजा गाड़ी में फरार हो गए थे। यह गाड़ी एक बार सीसीटीवी कैमरे में 6:10 बजे स्काई माल में दाखिल होती देखी गई है।

तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम

मनप्रीत मन्ना का तीन डाक्टरों की टीम ने पेनल बनाकर पोस्टमार्टम किया जिसमें डाक्टर गुरपाश सिंह, सर्जन डॉक्टर विकास बांसल, ऑर्थो डाक्टर गुरलव जौड़ा शामिल थे। दोपहर करीब दो बजे तक उसका पोस्टमार्टम किया गया। जिसके बाद उसके शव को फूलों से सजी गाड़ी में उसके गांव भूंदड़ में लाया गया। हालांकि अस्पताल से पहले उसे घर लेकर गए वहां से फिर गांव में उनकी जद्दी जमीन में लेकर गए। जहां पर शाम के करीब 3:45 बजे उसका अंतिम संस्कार किया गया। शुभदीप सिंह बिट्टू व धनजीत सिंह धन्ना ने उनसे मुख्य अग्नि भेंट की। ये रहे मौजूद

इस मौके पर डिप्टी स्पीकर अजैब सिंह भट्टी, पूर्व विधायक हरप्रीत सिंह, सतगुरदेव पप्पी, सरोज सिहं, प्रितपाल सिंह मान, एडवर्डगंज संस्था के चेयरमैन प्रमोद झांब, सिटीजन क्लब के अनु अहुजा, बसंत सिंह कंग, वरेंदर सकार, रमेश जुनेजा, समेत अन्य भी मौजूद थे।

राजनीतिक लोगों का साजिश में हाथ

उधर मृतक मनप्रीत मन्ना के मामा के बेटे शुभदीप सिंह बिट्टू का कहना है कि इस साजिश में कुछ राजनीतिक लोग भी हैं। उन्होंने दावा किया है कि कुछ लोगों की तो पहचान भी हो चुकी है लेकिन वह कुछ नहीं कहेंगे क्योंकि इससे जांच पर असर पड़ता है। पुलिस वाले एक दो दिन में ही इस मामले का खुलासा कर देंगे। शुभदीप का कहना है कि जो लॉरेंस बिशनोई ग्रुप की ओर से सोशल मीडिया पर यह डाला जा रहा है उसमें कोई सच्चाई नजर नहीं आ रही है। गैंगस्टर का नाम देने पर उनका कहना था कि आज कल तो जिसे पर चार पांच पर्चे हो जाए उसे गैंगस्टर कह दिया जाता है। इसे तो जज ने पहले सभी मामले में बरी किया था। एक 302 के मामले में भी यह बरी था। अब तो एक ही पर्चा था जिसका केस चल रहा था। जबकि पुलिस का कहना है कि उस पर राज्य में 15 मामले दर्ज थे। उधर थाना सिटी प्रभारी अमनदीप सिंह का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं जल्द ही इस मामले का खुलासा कर देंगे।

Posted By: Jagran

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