संवाद सहयोगी, श्री मुक्तसर साहिब

रेगुलर करने की मांग का लेकर मनरेगा मुलाजिमों की कलम छोड़ हड़ताल मंगलवार को नौवें दिन में शामिल हो गई। मुलाजिम पिछले 10-12 सालों से गांव विकास पंचायत विभाग में नरेगा के अधीन नौकर रहे है। समूह नरेगा मुलाजमों की भर्ती पूरे पारदर्शी ढंग से रेगुलर भर्ती के लिए अपनाएं जाते मापदंडों के अनुसार हुई है।

ब्लॉक प्रधान जरनैल सिंह ने बताया कि सरकार रेगुलर करने में आनाकानी कर रही है। सत्ता में आने से पहले मुख्यमंत्री ने मुलाजिमो के धरनों में आकर चुनाव मेनीफेस्टो के तहत चुनावों के बाद कच्चे मुलाजमों को पक्के करने का वायदा किया था। सरकार बनने पर तीन मेंबरी कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई परंतु अभी तक कमेटी में किसी भी मुलाजिम का मसला हल करवाने में पूरी तरह असफल रही है। मुलाजिमों का केस दो बार विभाग की तरफ से प्रोफेशनल विभाग को पक्के करने के लिए भेजा जा चुका है, लेकिन दोनों बार वापिस कर दिया गया। पंचायत विभाग ने केस की सही तरीके से पैरवी नहीं की तथा ना ही इस केस की खामियों को दूर करके तीसरी बार भेजा बल्कि मुलाजमों का तीन साला का समय बर्बाद किया। अब जब पंजाब के सभी 1539 मुलाजम नरेगा अधीन होने वाले है हर विकास कार्यों का बायकॉट करके धरने पर बैठ गए तो मुलाजमों को मनाने के लिए कमेटी गठित कर दी है जो केस दोबारा भेजेगी। कमेटी की सोमवार को मीटिग हुई, लेकिन बिना किसी परिणाम के मनरेगा मुलाजमों को धरना खत्म करने का दबाव बनाकर मीटिग समाप्त कर दी गई। मुलाजिमों को नौकरी से निकालने की धमकियां दी जा रही है। यूनियन के मुलाजमों ने इस सख्त नोटिस लेते हुए चेतावनी दी है कि अगर किसी भी कर्मचारी को कोई नुकसान पहुंचाया तो चुनावों के वक्त पक्के मोर्च लगाए जाएंगे। अगर जरुरत पड़ी तो विकास भवन मोहाली में पंजाब स्तर का धरना लगाया जाएगा।

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