जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब : पराली जलाने के मामले को लेकर किसानों पर दर्ज केस रद करवाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (कादियां) ने वीरवार को डीसी दफ्तर का घेराव किया। किसानों ने प्रशासन व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। किसान नेताओं ने पराली जलाने के आरोप में दर्ज मामलों को रद करवाने तथा जमाबंदी पर लाल एंट्री बंद किए जाने को लेकर डीसी एमके अरविद कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। किसान नेताओं ने कहा कि किसान पराली नहीं जलाना चाहता, लेकिन उन्हें मजबूरन पराली को जलाना पड़ता है। किसान अनाज पैदा कर देश के लिए अन्न की पूर्ति करता है लेकिन इसके बावजूद फसल के बचे हुए अवशेषों को जलाने के आरोप में उनपर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। किसान पहले ही फसलों के कम रेट तथा पैदावार के कारण दुखी है। किसान कर्ज के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। किसानों की सहायता करने की बजाए सरकार उन्हें और परेशान कर रही है। किसानों ने कहा कि पराली की गांठ बांधने वाली मशीन हर गांव में अधिक से अधिक मुहैया करवाई जानी चाहिए ताकि किसान पराली जलाने के लिए मजबूर न हों। इस मौके पर राज्य महासचिव जगदेव सिंह कांनियांवाली, जिला महासचिव गुरतेज सिंह उदेकरण, निर्मल सिंह संगूधौन, दलजीत सिंह रंधावा, दविदर सिंह, अजयप्रीत, जीत सिंह, गुरनाम सिंह, कुलवंत सिंह, राम लाल शर्मा, जगमीत सिंह, दर्शन सिंह, गुरमीत सिंह, सुखचैन सिंह, दिलावर सिंह, अंग्रेज सिंह, भूपिदर सिंह, मेजर सिंह, लखवीर सिंह, हरदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, परमपाल सिंह, जगतार सिंह, सुखदेव सिंह, जगतार सिंह, बलतेज सिंह, शिवराज सिंह, बलदेव सिंह, बचित्र सिंह, कुलविदर सिंह आदि उपस्थित थे। वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) की ओर से भी थाना सदर के समक्ष लगातार का धरना जारी है। वह भी किसानों पर पर्चे रद्द करवाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि यदि राज्य सरकार ने कोई फैसला नहीं किया तो वह 15 नवंबर से बड़े स्तर पर संघर्ष शुरू कर देंगे।

Posted By: Jagran

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