सत्येन ओझा, मोगा : लुधियाना में रिश्तेदार के यहां शादी समारोह से लौट कर परमिदर पाल पुरी उर्फ टीटू पुरी ने अपनी पत्नी सोनिया को रात एक बजे जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, सुबह साथ में चाय पी लेकिन अपनी पत्नी को जन्मदिन पर जिदगी भर के लिए आंसुओं का सैलाब देकर अकेले छोड़ जाएंगे इसकी कल्पना तो परिवार के किसी सदस्य ने नहीं की थी।

स्वाभाविक है कुछ पल पहले ही साथ-साथ चाय पीना, अखबार पढ़कर अपनी दिनचर्या शुरू करना और उसके बाद अचानक जिदगी से हार मानरकर अपने हाथों ही अपनी मौत का पैगाम लिख देना परिवार के हर सदस्य के लिए बहुत से सवाल छोड़ गया है। आखिर कुछ पलों में ही ऐसा क्या हो गया कि पुरी आखिर हंसते खेलते परिवार को जीवन भर के लिए आंसू देकर जिदगी को अलविदा कहकर हमेशा के लिए चले गए।

आत्महत्या करने वाले परमिदर पाल पुरी लंबे समय तक फाइनांस के व्यवसाय से जुड़े रहे। जमीनों का कारोबार भी किया। फाइनांस का कारोबार वे अब छोड़ चुके थे। उनका एक बेटा चेतन पुरी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता है। जबकि छोटी बेटी नौनी उर्फ निशा डॉक्टर है और बड़ी बेटी मेहरूनिशां मोगा में ही विवाहित है।

पुरी के पारिवारिक सूत्रों का कहना है टीटू पुरी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां बेहतरीन ढंग से निभाने के बाद अब रिटायरमेंट का ही जीवन जी रहे थे। लेकिन पिछले कुछ समय से डिप्रेशन के मरीज हो गए थे। इसकी दवा भी चल रही थी लेकिन पिछले एक महीने से उन्होंने दवा खाना बंद कर दी थी। सुबह के समय बेटे चेतन घर में परिवार के साथ तय कर रहे थे कि शाम को मां को क्या गिफ्ट दिया जाए, पिता ने भी बेटे चेतन को अपनी राय देते हुए कहा था कि वे जो भी तय कर लेंगे उसी में उनकी सहमति है।

इसी चर्चा के दौरान अचानक पुरी ने अपने बेटे चेतन के नाम की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। कहा तो था कि शाम के कार्यक्रम में सबके साथ उनकी सहमति होगी, लेकिन जन्मदिन सेलीब्रेशन से पहले ही वे अपना वादा अधूरा छोड़कर चले गए। देर शाम को उनका गांधी रोड स्थित स्वर्गाश्रम में शोकाकुल माहौल में संस्कार कर दिया गया।

Posted By: Jagran

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