संवाद सूत्र, मोगा : लगभग 20 दिन पहले ही ओआरपी रैंक पाकर एएसआइ बने सुखदेव सिंह का रिश्वत लेने व रिश्वत की राशि वापस करने का वीडियो लाइव सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दो दिन पहले ही भ्रष्टाचार के ही एक मामले में इसी थाने के थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह व मुंशी सतनाम सिंह को एसएसपी ने लाइन हाजिर किया था, जबकि 26 अगस्त को इसी थाने के हेड कांस्टेबल को चिट्टा बेचते हुए धर्मकोट की एक बस्ती में लोगों ने पेड़ से बांधकर जमकर मारपीट की। हैरानी की बात है कि थाना धर्मकोट पुलिस एफआइआर दर्ज होने के बाद अभी तक एएसआइ को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पता चला है कि एएसआइ को पकड़े जाने के बावजूद धर्मकोट पुलिस ने उसके साथ सहानुभूति निभाते हुए थाने से भगा दिया। झगड़े के एक मामले में सरपंच ने एएसआइ को रिश्वत दिलवाई थी जिसका पूरा वीडियो बनाया गया था।

डीएसपी धर्मकोट यादविदर सिंह बाजवा ने बताया कि गुरमेल सिंह निवासी गांव कैला की शिकायत पर एएसआइ सुखदेव सिंह रोली और गांव कैला के सरपंच गुरनिसान सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाने से भगाने की बात को उन्होंने गलत बताया। शिकायतकर्ता गुरमेल सिंह ने योजनाबद्ध ढंग से अपना मोबाइल रिकार्डिंग पर लगाकर सरपंच की एएसआइ से बातचीत कराई थी। ऑडियो में एएसआइ सरपंच को 10 हजार की रिश्वत दिलाने की बात कहता है कि अपां ही सरदार साहब एसएचओ हां। सरपंच शिकायतकर्ता से हमदर्दी का दिखावा करते हुए कहता है कि कि वड्ड दे बिजली मकैनिक ऐ। (जिससे रिश्वत लेने की बात कहता है वह बिजली मैकेनिक है)

शिकायतकर्ता ने ऑडियो रिकार्डिंग के बाद एएसआइ को पकड़ने के लिए लोक इंसाफ पार्टी नेताओं से मदद मांगी थी। योजना के तहत रिश्वत लेने के बाद कार में जाते हुए एएसआइ को लोक इंसाफ पार्टी के नेताओं ने रोक लिया था। उससे रिश्वत में ली गई राशि के बारे में पूछे जाने पर एएसआइ डर गया। वह रिश्वत की राशि निकालकर वापस देने लगा, साथ ही माफी भी मांगने लगा। इस पूरे मामले की शिकायतकर्ता व लोक इंसाफ पार्टी के नेताओं ने वीडियो भी बना ली थी। बता दें कि गुरमेल सिंह का बीती 21 अगस्त को गांव की महिला बलविदर कौर से झगड़ा हुआ था। थाना धर्मकोट पुलिस ने 22 अगस्त को गुरमेल सिंह व अन्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली थी। गुरमेल सिंह को अदालत ने जमानत देते पुलिस के पास जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। गांव के सरपंच गुरनिशान सिंह ने दोनों गुटों का समझौता करवा दिया था। एएसआइ ने जांच में शामिल करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। इससे पहले 26 अगस्त को धर्मकोट की भट्टी बस्ती से संबंधित एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें थाना धर्मकोट के हेड कांस्टेबल दलबीर सिंह व उसके एक साथी दर्शन को लोग पेड़ से बांधकर पिटाई करते दिखाए गए थे। वायरल वीडियो में पीटने वाले बोल रहे थे ये दोनों चिट्टा बेचने आए थे। पहले भी इन्हें रोका गया है, लेकिन वे मानते नहीं हैं। इस मामले में थाना धर्मकोट के तत्कालीन प्रभारी एसआई कश्मीर सिंह ने पहले तो कांस्टेबल को बचाने का प्रयास किया था। बाद में कांस्टेबल के खिलाफ एक महिला के साथ मारपीट करने के मामले में केस महिला की तरफ से न करने के बजाय अपनी तरफ से कर लिया था ताकि बाद में आरोपित कांस्टेबल से मिलकर उसे बचाया जा सके। थाना प्रभारी कश्मीर सिंह को दो दिन पहले ही एसएसपी ने भ्रष्टाचार के ही एक मामले में लाइन हाजिर किया है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!