राजकुमार राजू, मोगा

एसडीएम सतवंत सिंह के आश्वासन के महज 16 घंटे बाद ही पुलिस मंगलवार को उस पर अमल करना भूल गई। पुलिस की इस लापरवाही के चलते एक ट्रक मालिक ने किशोरों के हाथों में ट्रक सौंप दिया, जो तेज गति से गांधी रोड पर ट्रक दौड़ा रहे थे। यह देख प्लैंथी उठाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने उक्त किशोरों का पीछा किया और स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही ट्रक रोक कर उन्हें पकड़ लिया। बाद में इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस बारे में पहले तो पुलिस कर्मचारी ट्रक मालिक के पक्ष में दलीलें देते दिखे, लेकिन जब आक्रोशित संघर्ष समिति ने धरना शुरू कर दिया, तो मौके पर डीएसपी स्वयं पहुंचे। इस मामले में ट्रक मालिक सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने ट्रक कब्जे में ले लिया है।

उधर, इससे पहले सोमवार रात एक और महिला अध्यापिका की कार गांधी रोड पर बेलगाम दौड़ते ट्रक के चलते हादसा व्यस्त हो गई। इस दौरान कार चला रही प्रिसिपल स्मृति भल्ला बाल-बाल बचीं। यही नहीं मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचे पूर्व पार्षद भूषण गर्ग ट्रक लेकर जाने वाले किशोरों समेत उसके मालिक पर भड़के तथा इंटरनेट मीडिया पर इसकी वीडियो वायरल करके रोष जताया। इस मौके पर विक्की, कुणाल शर्मा, मेन बाजार दुकानदार एसोसिएशन के प्रधान हरप्रीत सिंह मिक्की व राजीव गर्ग के अलावा अन्य दुकानदार हाजिर थे।

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यह है मामला

गांधी रोड पर ट्रकों के बेलगाम दौड़ते मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी संदीप हंस ने समस्या के समाधान के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने संघर्ष समिति को आश्वासन देने के कुछ घंटे बाद ही जिला मजिस्ट्रेट के रूप में आदेश पारित कर दिए कि गांधी रोड पर सुबह आठ बजे से लेकर रात्रि नौ बजे तक भारी वाहनों के आवागमन पर पाबंदी लगा दी है। मगर, डीसी के आदेशों की पुलिस की लापरवाही के कुछ घंटे बाद ही धज्जियां उड़ती दिखीं। सुबह 9.30 बजे से ही गांधी रोड पर ट्रकों की आवाजाही शुरू हो गई।

इस दौरान सुबह 10 बजे के लगभग प्लैंथी हटाओ संघर्ष समिति के रजनीश लक्की स्वर्ग आश्रम के निकट खड़े हुए थे। इसी दौरान एक सोलह 16-17 साल का लड़का तेजी के साथ ट्रक चलाते हुए गांधी रोड की तरफ आया। यह देख रजनीश लक्की ने उस ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया। उनको देख कुछ और लोग ट्रक के पीछे दौड़ पड़े। गांधी रोड फाटक से पहले ही ट्रक चालक को रुकवा कर उसे चला रहे 17 साल के किशोर व उसके दूसरेा साथी 16 वर्षीय किशोर को नीचे उतार कर जब उनसे लाइसेंस मांगा, तो उनके पास न लाइसेंस था और न ही कागजात। पूछताछ करने पर दोनों बच्चों ने बताया कि उन्हें ट्रक मालिक तरसेम सिंह ने कहा था कि ट्रक रेलवे स्टेशन पर लेकर पहुंचो, वह खुद थोड़ी देर बाद आता है। यह जानकारी जब डीएसपी ट्रैफिक रमनदीप सिंह भुल्लर को दी गई, तो उन्होंने ट्रैफिक इंचार्ज बलजिदर सिंह व थाना सिटी-1 के प्रभारी इंस्पेक्टर जसवंत सिंह को मौके पर भेजा। बलजिदर सिंह द्वारा धरनाकारियों को समझाने का प्रयास किया गया, तो ससे नाराज उक्त समिति ने फिर से धरना शुरू कर दिया।

मामला गंभीर होते देख कुछ ही देर बाद डीएसपी ट्रैफिक रमनदीप सिह भुल्लर खुद मौके पर पहुंचे। उनके निर्देश पर ट्रक मालिक सहित चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। साथ ही ट्रक पुलिस ने कब्जे में ले लिया। इसके बाद ही संघर्ष समिति ने धरना समाप्त किया।

इस बीच पता चला है कि डीसी ने इस मामले में एफसीआइ के अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद डीआरएम फिरोजपुर से बातचीत कर जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने के लिए कहा है। साथ ही उन्हें यह भी कहा है कि अगर केंद्र सरकार के स्तर पर किसी भी तरह की बातचीत करनी है, तो वह खुद करेंगे। मगर, किसी भी कीमत पर इस समस्या का हल जल्द से जल्द होना चाहिए।

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बाल-बाल बचीं प्रिंसिपल

सोमवार को गांधी रोड पर हैवी ट्रकों की बेलगाम आवाजाही को लेकर लोगों के आक्रोश के बावजूद इसी दौरान शाम को लगभग 6:30 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। मोगा के टीएलएफ स्कूल की प्रिसिपल रह चुकी स्मृति भल्ला जो वर्तमान में फिरोजपुर में एक निजी स्कूल की प्रिसिपल हैं, वह मोगा आई हुई थी। सोमवार सायं वह खुद कार ड्राइव करके गांधी रोड होते हुए फिरोजपुर की तरफ जा रही थी। इसी दौरान तेजी के साथ हाईवे से गांधी रोड की तरफ एक ट्रक ने गलत ढंग से प्रवेश किया, जिससे प्रिसिपल स्मृति भल्ला की कार ट्रक से टकरा गई। उन्होंने चीख-पुकार की, तो ट्रक चालक ने ब्रेक लगाई। इस दौरान ट्रक चालक की थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे का रूप ले सकती थी।

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यह है कड़वा सच

ट्रक यूनियन को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट अवैध घोषित कर चुकी है। पंजाब सरकार ने भी ट्रक यूनियनों को अवैध मानते हुए इन पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी है। मगर, सत्ता में बैठे कुछ दबंगों की मदद से यह ट्रक यूनियन आज भी जिदा है। इसी ट्रक यूनियन से संबद्ध बेहद खस्ताहाल ट्रक एफसीआइ के गेहूं और चावल की दुलाई का काम करते हैं। ट्रक यूनियन से संबंधित 80 प्रतिशत से ज्यादा ऐसे ट्रक हैं जो पूरी तरह से अनफिट हैं और 20 से 25 साल पुराने हैं। अधिकांश ट्रकों के पास डाक्यूमेंट तक नहीं है। मगर, दबंग राजनेताओं के प्रभाव के कारण आरटीए एवं पुलिस इन ट्रकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है।

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