तरलोक नरूला, मोगा

कोविड-19 के चलते मार्च से बंद पड़े माता चितपूर्णी, नैना देवी, ब्रजेश्वरी माता व अन्य देवियों के द्वार 10 सितंबर से खुल रहे है। विशेष हिदायतों के तहत माता की यात्रा को शुरू करने की अनुमति प्रदान की गई है। इसके तहत प्रसिद्ध धर्म शक्ति पीठ चितपूर्णी मंदिर को खोलने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, ताकि भक्तों को माता रानी के दर्शन सुरक्षित तरीके से करवाए जा सकें। जारी सरकारी आदेशों के तहत माता चितपूर्णी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं को सबसे पहले मंदिर ट्रस्ट की नई इमारत चितपूर्णी सदन में पहुंचना होगा। यहां उनकी थर्मल स्क्रीनिंग होगी। मेडिकल प्रतिक्रिया पूरी होने बाद ही दर्शनों को भेजा जाएगा।

रोजाना दिन में लगभग 500 यात्री ही दर्शन करेंगे। इसके तहत 20 की संख्या में श्रद्धालुओं का ग्रुप मंदिर में भेजा जाएगा। जब पहली भक्तों टोली वापस आएगी, तब दूसरे भक्तों को मंदिर में भेजने की व्यवस्था होगी।

बता दें कि देशभर में फैली कोरोना महामारी के चलते माता चितपूर्णी व अन्य देवियों के द्वार बंद कर दिए गए थे, ताकि महामारी की रोकथाम की जा सके। मगर, हाल ही में हिमाचल सरकार द्वारा इसे फिर से खोलने का फैसला किया है। इससे माता के भक्तों में खुशी की लहर है। भक्तों का कहना है कि उन्हें यह लगने लगा था कि माता के दर्शन किए वर्षो बीत गए हैं। भक्तो ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए सरकारी गाइडलाइन के तहत माता के दर्शन करने की प्लानिग बनानी आरंभ कर दी है।

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जल्द जाएंगे दर्शन करने

श्री मां शक्ति क्लब के मुख्य सेवादार कुलदीप चावला में बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से हर माह माता चितपूर्णी के दर्शनों को जाते थे। वह बस द्वारा श्रद्धालुओं को भी दर्शन करवाते थे। मगर, कोरोना महामारी के कारण मार्च से लॉकडाउन के चलते हिमाचल में मंदिरों के द्वार बंद कर दिए गए थे। हिमाचल सरकार ने 10 सितंबर से मंदिरों के द्वार खोलने का जो निर्णय लिया है, वह सराहनीय है। उससे अब वह जल्द ही दर्शन करने जाएंगे।

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सरकारी नियमों का करेंगे पालन

मां ज्वाला दुर्गा भजन मंडली के संस्थापक कपिल धीर का कहना है कि वह कई महीनों से माता चिंतपूर्णी के दर्शनों के लिए जाना चाहते थे। मगर, कोरोना काल में सभी मंदिर बंद कर दिए गए। अब हिमाचल में माता चितपूर्णी के द्वार खुल रहे हैं। इसके लिए वह सरकार की पॉलिसी के तहत दर्शन को जाएंगे। उन्हें जैसे ही उचित समय मिलेगा, वह कोरोना टेस्ट करवाकर एवं नेगेटिव रिपोर्ट साथ लेकर दर्शन को जाएंगे, ताकि वहां कोई परेशानी न हो।

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मौके को व्यर्थ नहीं जाने देंगे

राजेश गांधी ने कहा कि वह महामहंत राम प्रताप शर्मा के आशीर्वाद से हर वर्ष सावन में माता चितपूर्णी के दर्शनों को जाते थे। वहां झंडा भी चढ़ाते थे। इस बार नहीं जा पाए। अब जबकि फिर से मौका मिला है, तो इसे व्यर्थ नही जाने देंगे। जैसे ही महामारी की रोकथाम में थोड़ा सुधार होगा, दर्शन को जाएंगे। इस दौरान अपना व दूसरों के बचाव के लिए सरकारी गाइडलाइन का पालन अवश्य किया जाएगा।

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सरकार की घोषणा सराहनीय

श्री दुर्गा भजन मंडली के प्रधान विजय सिगला का कहना है कि लंबे समय से कोरोना महामारी के चलते मां के मंदिरों के कपाट बंद पड़े थे। सावन का मेला भी घर बैठे ही निकल गया। अब हिमाचल सरकार ने जो माता के मंदिरों को खोलने की घोषणा की है, वह वह सराहनीय कदम है। इससे भक्तों की माता के दर्शनों की आस पूरी होगी। माता से यही प्रार्थना है कि इस महामारी को जल्द खत्म करे। दर्शन करने के लिए जो सरकार की हिदायत होगी, उसे मानते हुए दर्शन करेंगे।

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ऑनलाइन करवाएं बुकिंग

महंत विजय गर्ग ने कहा कि हिमाचल सरकार का मंदिर खोलने का निर्णय सराहनीय है। भक्तों को चाहिए की वह ऑनलाइन बुकिग ही करवाकर जाए, ताकि वहां कोई परेशानी न हो। सरकार के कोरोना रोकथाम के दिए आदेशों का पालन करें। हो सके तो जहां से कोरोना का टेस्ट करवाकर ही यात्रा करें।

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कोरोना टेस्ट करवाकर जाएं

श्री दुर्गा जनता सेवक भजन मंडली के प्रधान नरेश गोयल का कहना है कि वह लगभग हर दूसरे महीने माता के दर्शनों को जाते थे। मगर, कोरोना के चलते ऐसा नहीं हो पाया। सरकार का जो आदेश है कि जो भी यात्री बाहर से आए, वह अपनी कोरोना नेगेटिव की रिपोर्ट साथ लेकर आए। हमरा फर्ज है कि हम सरकार के आदेशों का पालन करके दर्शनों को जाए।

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