सत्येन ओझा.मोगा

शहर में साल 2016 में निगम क्षेत्र में डोर-टू डोर गारबेज कलेक्शन का ठेका लेने वाली जेआइटीएफ कंपनी की ओर से काम बीच में छोड़कर चले जाने के बाद निगम अभी तक डोर टू डोर कलेक्शन तो शुरू नहीं करा सकता है सिर्फ कंपनी के साथ कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए जनता की जेब से आने वाले टैक्स का भुगतान निगम वकील की फीस पर ही खर्च कर रहा है। 13.12 लाख रुपये का भुगतान अब तक वकील की फीस का कर चुकी है, 11 लाख रुपये का भुगतान निगम को अभी और करना है, जिसका प्रस्ताव 2 अगस्त को होने वाली निगम हाउस के एजेंडे में शामिल किया गया है। क्या है मामला

नगर निगम ने शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के लिए जेआइटीएफ नामक कंपनी को हायर किया था, कंपनी ठीक से काम नहीं कर पाई, लोगों की शिकायतें आने लगीं कि उनके घरों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है, इसके बाद निगम ने कंपनी के अधिकारियों पर शिकंजा कसा तो कंपनी ने काम बीच में छोड़ने का नोटिस देकर 2017 में डोर टू डोर कलेक्शन का काम बंद कर दिया था। बाद में कंपनी ने आर्बिटेशन में नगर निगम पर करीब 80 करोड़ रुपये के हर्जाने का क्लेम कर दिया था। इसके खिलाफ कंपनी ने अपील दायर करते हुए वकील हायर किया।

निगम के एजेंडे में जो प्रस्ताव शामिल किया गया है, उसके अनुसार वकील को अदालत में 25000 रुपये प्रति घंटे के अनुबंध पर हायर किया गया है। कंपनी इससे पहले 10 लाख रुपये का भुगतान 16 अक्टूबर 2018 को वकील को कर चुकी है। उसके बाद तीन लाख 12 हजार रुपये का भुगतान और किया जाना है। अब नई निगम 11 लाख 25 हजार रुपये का भुगतान और करेगी, इसी की मंजूरी प्रस्ताव के माध्यम से हाउस से मांगी जाएगी।

Edited By: Jagran