जागरण संवाददाता, मोगा : पराली के खिलाफ जिला प्रशासन के सख्त रवैये के बावजूद शुक्रवार को शाम को आसमान में छाए धुएं के चलते शाम को पांच बजे के बाद ही रात का अहसास होने लगा था। आंखों में जलन व सांस लेने में तकलीफ महसूस की गई थी। शाम को छह बजे के बाद तो प्रदूषण की स्थिति इस कदर थी कि शहर के ज्यादातर बाजारों में सन्नाटा छाने लगा था। ये स्थिति तब है जब इस बार डीसी पराली की आग को लेकर बेहद सख्त रवैया अपनाए हुए हैं, एक ही दिन में शुक्रवार को 42 किसानों के चालान काटे गए हैं, उनके खिलाफ पॉल्यूशन एक्ट में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है।

गौरतलब कि दीवाली के मौके पर कम आतिशबाजी के चलते पॉल्यूशन पिछले सालों की तुलना में कम रहा था, लेकिन शुक्रवार शाम को चार बजे के बाद से ही अचानक आसमान में धुएं के गुबार व धुंध के कारण शाम पांच बजे के बाद रात होने का अहसास होने लगा था। शाम को ही अंधेरा छा गया था। लोगों को शाम पांच बजे के बाद वाहनों की लाइटें जलाकर निकलना पड़ा था। कृषि अधिकारी जसविदर सिंह बराड़ ने बताया कि शुक्रवार को प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब रही साथ ही उन्होंने पराली को आग लगाने वालों को कड़ी चेतावनी दी है कि इस स्थिति को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर की ओर से साफ निर्देश जारी कर दिए हैं कि अभी तक पराली के मामले में जुर्माना व धारा 188 के तहत कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन अब पॉल्यूशन एक्ट में कार्रवाई करते हुए दोषी पाए जाने पर संबंधित किसान को पांच साल तक की सजा का प्रावधान है।

Posted By: Jagran

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