संवाद सहयोगी, मोगा

आरकेएस सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में नई शिक्षा प्रणाली के तहत कौशल विषय पर सेमिनार करवाया गया। इसके प्रमुख वक्ता सुमित भारद्वाज रहे। वह एक मनोवैज्ञानिक और संचार कौशल, आत्म जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य और किशोरावस्था के अंतरराष्ट्रीय प्रमाणित मुख्य प्रशिक्षक हैं।

प्रधानाचार्य रजनी अरोड़ा ने अन्य अध्यापकों सहित आए हुए रिसोर्स पर्सन को गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। इस सेमिनार में अन्य स्कूल के अध्यापकों ने भी भाग लिया। अपने संबोधन में सुमित भारद्वाज ने बताया कि हमारी नई शिक्षा प्रणाली चार चरणों में बंटी हुई है। पहला चरण आधारभूत नर्सरी से दूसरी कक्षा, दूसरा चरण आरंभिक तीसरी से पांचवी कक्षा, तीसरा चरण मध्य छठी से आठवीं कक्षा, और चौथा चरण माध्यमिक नौवीं से 12वीं कक्षा का होता है। उन्होंने यह भी बताया कि कक्षा में बच्चों को भाषा के किसी भी माध्यम से पढ़ा सकते हैं। बस बच्चों को आसानी से समझ आना चाहिए। उन्होंने क्रास पाठ्यक्रम के बारे में बताया कि जो हमारा पाठ्यक्रम होता है उसमें एक कांसेप्ट के साथ दूसरा कांसेप्ट जुड़ा होना चाहिए। कक्षा में हम गतिविधि कई रूप में करवा सकते हैं जैसे आपस में बातचीत करके, किताबें पढ़ कर, वीडियो दिखाकर,चार्ट बनाकर आदि। नई राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत विद्यार्थी अपनी दिलचस्पी के अनुसार अपना कोई भी विषय चयन कर सकता है।

सेमिनार के दौरान गेम्स भी करवाई गई तथा यह भी बताया गया कि किस प्रकार हम खेल खेल में बच्चों को पढ़ा सकते हैं तथा उनका मनोरंजन कर सकते हैं। सेमिनार के दौरान अध्यापकों से प्रश्न भी पूछे गए जिनके उन्होंने सही उत्तर दिए।

Edited By: Jagran