संवाद सहयोगी, मोगा : गीता भवन में शिवरात्रि के पावन पर्व के उपलक्ष्य में रुद्रमहायज्ञ सम्मेलन का आयोजन किया गया। महामंडलेश्वर स्वामी सहज प्रकाश ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शिव पुराण की कथा जीव के पूर्व जन्मों के समस्त पापों को दूर करके शिव कृपा का मार्ग प्रशस्त करती है। शिव कथा से शरीर, वाणी और मन के पाप धूल जाते हैं। कलयुग में शिव कथा के दौरान कोई भी कल्याणकारी मार्ग सरल नहीं है। कथा वाचक पवन गौतम ने कहा कि शिव का अर्थ है कल्याण, शांति और अविनाशी है। शिव पूजन से समस्त देवताओं के पूजन का फल मिलता है। शिव कथा से बुरा कार्य करने वाले प्राणी भी परमगति को प्राप्त होता है। शिव पुराण की कथा सुनने से संसार की सारी कामनाएं दूर होती है। शिव पुराण की कथा से प्राणी को आत्मज्ञान प्राप्त होता है। महिला मंडल ने शिव नाम से बनते है.. कण-कण में विराजे भगवान शिव ..,जैसे भजनों का गायन कर भक्तों को मंत्रमुग्ध किया। इससे पहले पंडित नंद किशोर शर्मा, राम शर्मा और हरिद्वार से आए विद्वानों की अगुआई में पवन अग्रवाल, बालकिशन, नीना सिगला, योधाजीत, शिव नंदन, राजेश शर्मा, यजमानों ने गणपति पूजन, कलश पूजन, नवग्रह पूजन किया। इसके उपरांत शिव पुराण का पूजन यजमानों ने पूजन किया। सभी ने भगवान शिव के पावन शिवलिग की पूजा की। ओम नमो शिवाय के मंत्र जाप से रुद्राभिषेक किया।

Posted By: Jagran

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