सत्येन ओझा.मोगा

मुंबई में दादर से लोखंडवाला में फिल्म अभिनेता सोनू सूद के निवास तक करीब 21 किलोमीटर दंडवत यात्रा करते हुए सिरसा (हरियाणा) के पंजाब सिंह ने कोरोना काल के दौरान मीडिया से जो सुर्खियां बटोरी थीं, उन सुर्खियों ने उनका उजड़ा घर फिर से बसा दिया था। चार साल पहले पत्नी घर छोड़कर चली गई थी। पंजाब सिंह जब सोनू सूद के निवास पर दंडवत पहुंचकर हीरो बने तो उनकी रूठी पत्नी घर लौट आई थी, सोनू सूद के उसी कर्ज को उतारने पंजाब सिंह रविवार को मोगा में उनकी बहन कांग्रसे मालविका सूद की जीत की दुआएं लेकर पहुंचे। वे सिरसा से अपने साथी दोस्त के साथ पहले मोगा बस से पहुंचे, बाद में बस स्टैंड से लेकर सोनू सूद के निवास तक करीब डेढ़ किलोमीटर दंडवत करते हुए पहुंचे।

मुरादाबाद के अहमदनगर निवासी हुकुम सिंह काम की तलाश में तीन महीने पहले मुंबई में फिल्म अभिनेता सोनू सूद से मिले थे, उस समय हुकुम सिंह ने सोनू सूद ने से आग्रह किया था कि वे उन्हें फिल्म सिटी का पास दिलवा दें, ताकि फिल्मसिटी में उन्हें जो भी मजदूरी आदि का काम मिलेगा वे अपना व परिवार का पालन पोषण कर लेंगे। सोनू सूद ने हुकुम सिंह को तीन महीने बाद मिलने को कहा था। हुकुम सिंह इसी सप्ताह तीन महीने पूरे होने पर सोनू सूद से मिलने मुंबई स्थित उनके आवास पर पहुंचे तो वहां से पता चला कि सोनू मोगा में हैं, वहां से उनकी बहन चुनाव लड़ रही हैं। मुरादाबाद के हुकुम सिंह की उनकी दंडवत यात्रा के दौरान मुंबई में सिरसा के पंजाब सिंह से हो चुकी थी। हुकुम सिंह को मोगा के बारे में कुछ नहीं पता था, उन्होंने सिरसा में पंजाब सिंह से फोन पर संपर्क किया तो पंजाब सिंह ने हुकुम सिंह को कहा कि वह सिरसा आ जाय, यहां से सोनू सूद के मोगा स्थित निवास पर चलते हैं, ये बेहतर मौका है कि सोनू सूद के अहसान का कर्जा चुकाया जाय, क्योंकि दंडवत यात्रा से पहले पंजाब सिंह अपना मोबाइल फोन बेचकर साइकिल चलाते हुए मुंबई गए थे। सोनू को ये बात पता चली तो उन्होंने पंजाब सिंह को नया मोबाइल फोन देने के साथ ही उनका पूरा खर्चा मुंबई में रहने का उठाया था। कुछ समय बाद पंजाब सिंह 21 किमी दंडवत करते हुए सोनू के निवास पर पहुंचे थे, तब मुंबई पुलिस ने भी उन्हें रोका था, लेकिन पंजाब सिंह नहीं रुके थे, उस समय भी सोनू से पंजाब सिंह को मदद मिली थी वे मीडिया में हीरो भी बन गए थे।

पंजाब सिंह रविवार को मुरादाबाद के हुकुम सिंह के साथ मोगा पहुंचे थे, उनके साथ सिरसा का ही एक जरूरतमंद दीपक भी पहुंचा था, जो जिसकी एक हादसे में पैर टूट गया था, उसे अब दोबारा आपरेशन कराने की जरूरत है, लेकिन आर्थिक अभाव के कारण आपरेशन नहीं करा पा रहा है। सोनू को तीनों के आने का उस समय पता चला जब वे तीनों उनके निवास के बाहर वाली सड़क तक पहुंच गए थे, बाद में वे अपने आवास के बाहर से तीनों को अंदर लेकर पहुंचे।

Edited By: Jagran