जागरण संवाददाता.मोगा

गांव डाला में 26 जून की सुबह एक आढ़ती के निवास पर ताबड़तोड़ फायरिग करने मामले में आरोपितों की तलाश में जेल में बंद गैंगस्टरों से राज उगलवाने का प्रयास कर रही है। इस मामले में पुलिस मंगलवार को दो गैंगस्टरों को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर मोगा लेकर लाई है, माना जा रहा है दोनों ही आरोपितों से गांव डाला में फायरिग करने वालों के संबंध में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हासिल हो सकते हैं। यह है मामला

गांव डाला निवासी आढ़ती सुखबीर सिंह पुत्र गुरजेत सिंह के निवास पर 26 जून की सुबह करीब साढ़े सात बजे मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिग की थी। फायरिग करने वाले सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए ते, लेकिन पुलिस के तमाम प्रयासों के बाद भी उनका फिलहाल कोई सुराग नहीं मिला सका है।

आढ़ती सुखबीर सिंह पुत्र गुरतेज सिंह को सबसे पहले 16 अप्रैल 2022 को उसे 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के लिए एक वाट्सएप काल आया, उस समय उसने किसी की शरारत समझकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। बाद में 28 मई को उसके फोन पर वाट्सएप नंबर 62864-14014 तथा 98145-00648 नंबरों से काल आई थी, जिसमें फिर से 15 लाख की रंगदारी की मांग की गई। काल करने वाले खुद को सुक्खा निवासी दुन्नैके तथा जंटा (जयपाल भुल्लर गैंग जस्सी खरड़ का भाई है) बता रहे थे।

लगातार जांच-पड़ताल के बाद मोगा की थाना मैहना पुलिस ने गांव डाला निवासी बलदीप सिंह व चरणप्रीत सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर अन्य जिले की जेल से लेकर आई है। ये दोनों जानलेवा हमले के आरोप में जेल में बंद थे, माना जा रहा है कि इन दोनों से पूछताछ में पुलिस को डाला में हुई फायरिग मामले में अहम सुराग हाथ लग सकते हैं। दोनों को अदालत में पेश कर पुलिस ने रिमांड पर लिया है।

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