संवाद सूत्र, मोगा : जिला पुलिस का विवादों से नाता खत्म नहीं हो रहा है। कोटईसे खां के गांव लोंगीविड में जिस परिवार पर कुछ जमींदारों ने हमला कर पथराव किया। उसी पीड़ित परिवार के सदस्य को थाना कोट ईसे खां पुलिस ने धारा 107-151 में एसडीएम के सामने पेश कर दिया और परिजनों को जानकारी तक नहीं दी, जिससे वे पैरवी भी नहीं कर पाए, जिसके चलते पीड़ित को जेल भेज दिया गया। इससे आरोपित पक्ष के हौंसले इस कदर बढ़ गए कि उन्होंने परिवार की महिलाओं के साथ भी मारपीट की, जिनमें से एक को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सिविल अस्पताल में भर्ती पीड़ित महिला रंजीत कौर पत्नी सुखचैन सिंह, निवासी लोंगीविड ने बताया कि 19 फरवरी को उसका देवर काला सिंह गांव में किसी की जमीन में चारा लेने के लिए गया थ। इसी दौरान गांव का एक जमींदार उसके साथ झगड़ा करने लगा। उसके साथ मारपीट कर घर में ही बंधक बना दिया। महिला ने बताया कि बाद में उसके पति को पता चला तो वह जमींदार के घर जाकर उससे मिन्नतें कर अपने भाई को वहां से छुड़ा लाया।

रात के समय जमींदार परिवार ने कुछ लोगों के साथ मिलकर उसके घर पर हमला कर पथराव किया। उसके पति व देवर के साथ मारपीट की। उन्होंने रात को ही थाना कोट ईसे खां में इसकी सूचना दे दी, लेकिन सूचना देने के बाद थाना कोटईसे खां के एएसआइ सतनाम सिंह व एएसआइ सुरजीत सिंह उसके घर पहुंचे, जमींदारों को पकड़ने की बजाय दोनों उसके पति को पकड़कर ले गए। उन्हें आज पता चला है कि उसके पति को पुलिस ने 107-151 में गिरफ्तार कर एसडीएम के सामने पेश कर जेल भेज दिया, जबकि हमला करने वाले जमींदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

पीड़ित महिला ने बताया कि एएसआइ सतनाम सिंह की उसी के गांव में ससुराल है, ऐसे में ससुरालियों के कहने पर वह जमींदारों के पक्ष में कार्रवाई कर रहा है। झूठ बोल रही महिला, नहीं हुई मारपीट : एएसआइ

एएसआइ सुरजीत सिंह का कहना है कि मजदूर पक्ष झूठ बोल रहा है, उनके साथ कोई मारपीट नहीं हुई है, वैसे ही महिला खुद चोट लगाकर भर्ती हो गई है।

Posted By: Jagran

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