संवाद सहयोगी,मोगा

डीसी दफ्तर के कर्मचारियों ने लंबित मांगें पूरी न होने पर एक बार फिर संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। वीरवार को कर्मचारियों ने कलम छोड़ हड़ताल कर कामकाज मुकम्मल तौर पर ठप्प रखा।

कर्मचारी यूनियन के प्रेस सचिव संदीप कुमार ने कहा कि राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों ने मांगें पूरी करने पर सहमति जताई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर किसी भी मांग को अभी तक पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो कर्मचारी स्टाफ की कमी कारण अतिरिक्त काम करके मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। बहुत सारे कर्मचारियों पर आरक्षण की तलवार लटक रही है। उन्होंने कहा कि सरकार से मांगें मनवाने के लिए यूनियन ने 10 दिन का नोटिस भी दिया था लेकिन सरकार के कान पर जूं तक रेंगी। चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनते ही छठे पे कमीशन में 15 प्रतिशत की जो बढ़ोत्तरी 31 दिसंबर 2015 की बेसिक पे पर की गई है, वे भी मुलाजिमों के साथ धोखा है। मुलाजिमों का एक जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक का बकाया खत्म करके मुलाजिमों के साथ अन्याय किया गया है। अब डीसी दफ्तर के कर्मियों ने दोबारा संघर्ष का रास्ता अख्तियार कर लिया है। उन्होंने कहा कि 24 सितंबर को कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर मोहाली में प्रदेश स्तरीय रैली करेंगे। उन्होंने कहा कि मोहाली में रोष रैली के बावजूद पंजाब सरकार की नींद नहीं टूटी तो बड़े स्तर पर संघर्ष शुरू किया जाएगा, जिसके लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार होगी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रदीप बावा, दलवीर सिंह, मुलखराज, सुखराज कौर, राधा रानी, हरविदर सिंह, मनिदर सिंह, सन्नी रहेजा आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।

Edited By: Jagran