जागरण संवाददाता, मोगा :

शहर से सटे गांव दुन्नेके में नंदीशाला को स्थापित किए जाने का रास्ता साफ हो चुका है। नंदीशाला की प्रस्तावित जमीन की निशानदेही का काम डीसी डीपीएस खरबंदा के आदेशों पर पूरा कर दिया गया है।

करीब ढाई एकड़ जमीन में प्रस्तावित नंदीशाला को बनाए जाने के लिए जनरल हाउस पहले से 48 लाख रुपये की राशि को पास कर चुका है और टेंडर जारी कर जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मेयर अक्षित जैन ने खुद दैनिक जागरण को ये जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि नंदीशाला को स्थापित किए जाने के बाद शहर से करीब 500 बैल पकड़ने का लक्ष्य रखा जाएगा। किशनपुरा गोशाला में पहुंचाए जाएंगे लावारिस पशु

निगम एक्ट के अनुसार बेशक निगम अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर की गोशालाओं में काओ सेस से कोई पैसा खर्च नहीं कर सकता। शहर से लावारिस पशुओं को पकड़ने के बाद जब गांव किशनपुरा की गोशाला में रखा जाएगा तो वहां पर प्रति गो का खर्च निगम काओ सेस से नहीं कर सकेगा। इस मामले में बीच का रास्ता तलाश करते हुए डीसी डीपीएस खरबंदा ने 6 सितंबर को निगम के साथ अहम बैठक की। इस बैठक दौरान फैसला लिया गया कि यदि शहर के पकड़ी जाने वाले लावारिस पशुओं को काबू करते ही उन पर पक्की टै¨गग कर दी जाए, तो उनका हिसाब निगम के पास रखना आसान हो जाएगा। जितने लावारिस पशुओं को शहर से पकड़कर किशनपुरा की गोशाला में भेजा जाएगा, उसी हिसाब से निगम अपने इलाके से पकड़े लावारिस पशुओं का खर्च तय रेट अनुसार गोशाला का संचालन करने वालों को काओ सेस के खाते से करेगा। साथ ही गोशालाओं में टै¨गग लगे पशुओं की मौत का हिसाब रखना भी निगम के लिए आसान हो जाएगा। पशु पकड़ने के लिए पांच टीमों का किया गठन

मेयर अक्षित जैन ने बताया कि डीसी मोगा ने पटियाला, ब¨ठडा, जालंधर सहित कुल पांच कैटल कैचर मशीनें मोगा निगम में मंगवा ली हैं। संबंधित निगमों को जिला प्रशासन की ओर से लेटर जारी कर दिया गया है। कैटल कैचर मशीन के पास अलग-अलग पांच टीमों का गठन किया जाएगा और शहर के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों से लावारिस पशुओं को पकड़ने का काम शुरू किया जाएगा। पकड़े जाने वाले पशुओं पर तुरंत टै¨गग का काम पूरा कर लिया जाए, इसके लिए पांच टै¨गग मशीनें भी मोगा निगम ने खरीद ली हैं। इसके अलावा लावारिस पशुओं को काबू करने के लिए जरूरी साजो सामान भी निगम द्वारा खरीद लिया गया है। निगम और पशु पालन विभाग के साथ डीसी की अहम बैठक आज

लावारिस पशुओं से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए 11 सितंबर को जिला मुख्यालय में अहम बैठक बुलाई गई है। डीसी डीपीएस खरबंदा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में निगम अधिकारियों के अलावा पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक भी उपस्थित होंगे। इस बैठक दौरान लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए 13 सितंबर से शुरू होने वाले अभियान संबंधी तैयार रूप रेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा। डीसी डीपीएस खरबंदा ने विश्वास दिलाया है कि आगामी कुछ ही दिनों में शहर के लोग लावारिस पशुओं से निजात पा लेंगे।

Posted By: Jagran