संवाद सहयोगी ,मोगा : मोगा में बढ़ रही ट्रैफिक की समस्या के हल के लिए पिछले कई वर्षों से फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। वहीं सड़क के दोनो ओर बारिश के पानी की निकासी के लिए हर पांच सौ मीटर के दायरे में वाटर रिचार्जिग प्वाइंट बनाया गया है। लेकिन इस वाटर रिचार्जिग सिस्टम में साफ पानी जमा होने से जहां डेंगू का लारवा पैदा हो सकता है। वही जमीन में अशुद्ध पानी के समाने से अन्य उपकरणों से निकालकर पीने के पानी का प्रयोग करने से लोग कई बीमारियों की चपेट में आ सकते है।

समाज सेवी विनोद कुमार ने कहा कि गत दिनों जिला सेहत विभाग शहर के अलग अलग हिस्सों से पीने के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। जिनमें से बहुत से इलाकों में पीने के पानी के सैंपल फेल आ चुके है। ऊपर से अब फोरलेन के निर्माण के दौरान बनाए गए वाटर रिचार्जिग प्वाइंट से जमीन में जाने वाले गंदे व अशुद्ध पानी से अन्य उपकरणों से पीने के लिए पानी का दोहन खतरनाक बीमारियां पैदा कर सकता है।

डॉक्टर र¨मदर शर्मा के अनुसार डेंगू का लारवा छाया में खडे़ हुए साफ पानी में पैदा होता है। उन्होंने कहा कि वाटर रिचार्जिग सिस्टम में सफाई न होने से जहां गंदगी से भरा पानी जमीन में समा रहा है। जिसके कारण धरातल के अंदर का पानी खराब हो जाएगा, जिससे लोगों को पीने के पानी के साथ कई बीमारियां भी चपेट में ले सकती है। करवा चुके हैं स्प्रे : लूंबा

सेहत विभाग के कर्मचारी महिन्द्र पाल लूंबा ने बताया कि गत दिनों उन्होंने डेंगू के लारवे की जांच करने के दौरान फोरलेन सड़क किनारे वाटर रिचार्जिग सिस्टम डेंगू का लारवा मिला था। जिसको लेकर फोरलेन का कार्य देख रहे अधिकारियों को चेताया गया था। वहीं अपने स्तर पर उक्त प्वाइंट में स्प्रे करवाई गई थी। उन्होंने कहा कि अगर उक्त प्वाइंट में डेंगू का लारवा पैदा होने का भय है तो वह विभाग के अधिकारियों के उक्त मामले को ध्यान में लाकर फिर से कार्रवाई करेंगे।

Posted By: Jagran