जागरण संवाददाता, मोगा : मोगा निगम राज्य का दूसरा खुले में शौचमुक्त शहर बनने के बेहद करीब पहुंच चुका है। स्वच्छ भारत अभियान की टीम सोमवार को मोगा निगम में पहुंचने के बाद अपना काम शुरू कर चुकी है। विभिन्न चार चरणों में मोगा निगम अपने सभी 50 वार्डों को खुले में शौचमुक्त घोषित कर चुका है। स्वच्छ भारत अभियान की टीम यदि सर्वेक्षण दौरान निगम द्वारा खुले शौचमुक्त किए सभी वार्डों की रिपोर्ट को क्लीन चिट दे देती है तो मोगा निगम को पंजाब का दूसरा को शौचमुक्त निगम होने का खिताब मिल जाएगा। इससे पूर्व खुले में शौचमुक्त निगम का पहला स्थान ब¨ठडा हासिल कर चुका है।

निगम से चीफ सैनेटरी इंस्पेक्टर संदीप कटारिया के अनुसार स्वच्छ भारत अभियान के तहत मोगा के 50 वार्डों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए निगम की ओर से हरेक वार्ड में लोगों को जागरूक कि या गया। इसी के आधार पर कई तरह की कमियों को निगम द्वारा दूर किया गया। जिन लोगों ने अपने सीवरेज कनेक्शन को नालियों में फेंक रखा था, उन्हें नए कनेक्शन सीवरेज लाइनों में लेने को जागरूक किया गया। इसके अलावा निगम ने शहर को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए पेट्रोल पंपों पर स्थापित शौचालयों को आम लोगों के लिए प्रयोग किए जाना आसान बनाया और साथ ही पेट्रोल पंपों के आसपास शौचालयों के लिए संकेत चिन्ह स्थापित किए। इसके साथ ही शहर के सभी 14 सार्वजनिक शौचालयों को निजी संस्थाओं की सहायता से साफ करवाने के बाद उनकी देखरेख की जिम्मेदारी समाज सेवी संस्थाओं के हवाले की। निगम के अधिकार क्षेत्र में स्थित सभी स्कूलों में सैनीटेशन टीमों का गठन किया गया। स्कूलों में शौचालयों की व्यवस्था को बेहतर बनने में अहम भूमिका निभाई गई। शहर के कुल 56 सैकेंडरी प्वाइंट को कम कर उनकी संख्या को 45 तक लाया गया, ताकि शहर में कचरे को बिखरने से रोका जा सके।

सभी 50 वार्डों को शौचमुक्त बनाने के लिए हरेक पार्षद ने अपनी खास भूमिका निभाई। निगम द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए तैनात टीम को हरेक वार्ड पार्षद ने सफल बनाने में अहम सहयोग दिया। मेयर अक्षित जैन ने बताया कि शहर को शौचमुक्त बनाना किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन उनकी टीम और पार्षदों के सहयोग से शहर को शौचमुक्त घोषित करना संभव हो सका है।

Posted By: Jagran