जागरण संवाददाता, मोगा : पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करने की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा सोमवार को बंद का आह्वान सोमवार को पूरी तरह से असफल रहा। सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक के बंद की घोषणा के बावजूद शहर के सभी बाजार पूरी तरह से खुले रहे।

बस व रेल सेवा पर भी बंद का कोई असर देखने को नहीं मिला। बस अड्डे के पास जो¨गदर ¨सह चौक में कांग्रेसियों ने विधायक डॉ. हरजोत कमल की अध्यक्षता में धरना देकर प्रधानमंत्री न¨रदर मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब डेढ़ घंटा चले इस धरने के बाद हालात आम दिनों की भांति सामान्य दिखाई दिए।

इस दौरान विधायक हरजोत कमल ने कहा कि गुंगी और बहरी केंद्र सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने देश की विभिन्न 27 राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर सोमवार को बंद की घोषणा की थी। इस बंद के दौरान आम लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए बस और रेल सेवा को प्रभावित नहीं किया गया। यही नहीं कारोबारियों की मजबूरी को समझते हुए कांग्रेसियों ने शहर के किसी बाजार में कोई दुकान बंद नहीं करवाई, लेकिन इस बंद को सहयोग देने के लिए कांग्रेसी नेताओं की ओर से अपील अवश्य की गई थी। विधायक ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें सातवें आसमान को छूने लगी हैं। डीजल के महंगा होने का असर अन्य वस्तुओं पर पड़ने लगा है। एक आम आदमी के लिए आज अपने वाहन को चलाना तो दूर बसों में भी सफर करना जेब पर भारी पड़ने लगा है। मोदी सरकार ने कुछ अमीर घरानों को फायदा पहुंचने के लिए ही पेट्रोल और डीजल को जीएसटी से बाहर रखा है, ताकि कंपनियां रेट में अपनी मनमर्जी को लोगों पर थोप सकें। इस अवसर पर शहरी प्रधान विनोद बांसल, पार्षद न¨रदर सिद्धू, अशोक धमीजा, कुल¨वदर ¨सह चक्कीयां, पार्षद गुरप्रीत कौर, कशमीर ¨सह लाला, हरभजन ¨सह, सटीफन पाल, निर्मल ¨सह डगरू, रामपाल धवन, जगसीर ¨सह सीरा आदि ने कहा कि बीते चार सालों में मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगाकर 11 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि विपक्ष की भूमिका निभाते हुए कांग्रेस बार-बार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में शामिल किए जाने की मांग करती आ रही है। केंद्र सरकार द्वारा इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया न किए जाने के बाद ही कांग्रेस ने अपनी सहयोगी पार्टियों के साथ मिलकर सोमवार को बंद का एलान किया था। कांग्रेसी नेताओं ने याद दिलाया कि मई 2014 में कांग्रेस की सरकार के समय कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 107 डालर बैरल थी और भाजपा की सरकार के समय कच्चे तेल की आंतरराष्ट्रीय कीमत 73 डालर प्रति बैरल होने के बावजूद तेज की कीमतें आसमान छू रही हैं। कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह जल्द से जल्द पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाकर लोगों को राहत प्रदान करे, ताकि लोग महंगाई से राहत पा सकें।

सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी

कांग्रेस द्वारा बंद के आह्वान को देखते हुए जिले भर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया था। करीब डेढ़ सौ पुलिस मुलाजिम शहर में तैनात रहे। शहर के सभी बाजारों के साथ-साथ प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा कड़ी रखी गई। बस अड्डे के सामने स्थित जो¨गदर ¨सह चौक के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और साथ ही ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए खास प्रबंध किए।

Posted By: Jagran