पंजाब: मोगा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी का फ्रीजर 3 हफ्ते से खराब, इमजरेंसी डॉक्टर और पुलिस के बीच शव रखने पर विवाद
मोगा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में तीन सप्ताह से डीप फ्रीजर खराब होने के कारण पुलिस और इमरजेंसी डॉक्टर के बीच शव रखने को लेकर विवाद हो गया।
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मोगा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी का फ्रीजर 3 हफ्ते से खराब (फाइल फोटो)
HighLights
मोगा अस्पताल मोर्चरी के डीप फ्रीजर तीन सप्ताह से खराब
शव रखने को लेकर पुलिस और डॉक्टर में हुआ विवाद
क्षमता आठ शवों की, लेकिन फ्रीजर खराब होने से परेशानी
राजकुमार राजू, मोगा। मोगा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में शव रखने की व्यवस्था को लेकर वीरवार देर रात करीब 10:30 बजे पुलिस और इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के बीच विवाद हो गया।
बताया जा रहा है कि मोर्चरी के डीप फ्रीजर पिछले करीब तीन सप्ताह से खराब पड़े हैं। मोर्चरी में एक समय में करीब आठ शव रखने की क्षमता है। ऐसे में फ्रीजर खराब होने और शव रखने की जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण वीरवार रात पुलिस और डॉक्टर के बीच कहासुनी की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार वीरवार देर रात पुलिस एक शव को लेकर मोगा के सरकारी अस्पताल पहुंची थी। पुलिस की ओर से शव को अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखने के लिए कहा गया।
इस दौरान इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने मोर्चरी में जगह उपलब्ध नहीं होने की बात कही। डॉक्टर की ओर से पुलिस को शव को फरीदकोट या मोगा के गांव सिंघावाला स्थित मोर्चरी में ले जाने के लिए लिखकर दिया गया।
पुलिस ने डॉक्टर की इस बात पर आपत्ति जताई और शव को मोगा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में ही रखने की मांग की। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
देखते ही देखते मामला गरमा गया। देर रात अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। विवाद की जानकारी मिलने पर अस्पताल के अन्य कर्मचारी और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत करवाने का प्रयास किया।
तीन सप्ताह से खराब पड़े हैं डीप फ्रीजर
अस्पताल की मोर्चरी में शवों को सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर की व्यवस्था की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि इनमें से डीप फ्रीजर पिछले करीब तीन सप्ताह से खराब पड़े हैं।
मोर्चरी की कुल क्षमता करीब आठ शव रखने की बताई जा रही है। ऐसे में फ्रीजर खराब होने के कारण शवों को सुरक्षित रखने में अस्पताल प्रशासन के सामने परेशानी खड़ी हो रही है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार सामान्य तौर पर मोर्चरी में शवों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रखा जाता है। पुलिस की ओर से अज्ञात शवों को भी पहचान और पोस्टमार्टम सहित अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षित रखा जाता है।
यदि मोर्चरी में जगह उपलब्ध न हो तो शवों को दूसरी जगह रखने की व्यवस्था करनी पड़ती है। वीरवार रात भी इसी व्यवस्था को लेकर पुलिस और डॉक्टर के बीच विवाद की स्थिति पैदा हुई।
खराब फ्रीजर से बढ़ सकती है परेशानी
मोर्चरी के डीप फ्रीजर लंबे समय से खराब होने के कारण आने वाले दिनों में अस्पताल प्रशासन के सामने और परेशानी खड़ी हो सकती है। खासकर एक साथ अधिक शव आने की स्थिति में उन्हें सुरक्षित रखना चुनौती बन सकता है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को खराब पड़े फ्रीजर जल्द ठीक करवाने या वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत है।
फिलहाल वीरवार देर रात हुए विवाद को लेकर पुलिस और अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। शव को आखिरकार शव को सिंघावाला में रखा गया और मोर्चरी के खराब डीप फ्रीजर कब तक ठीक होंगे, इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट की जानी बाकी है।
