संवाद सहयोगी, मोगा : बस स्टैंड पर सोमवार दोपहर ट्रैफिक पुलिस के एक कांस्टेबल ने रोडवेज के जीएम पर ड्यूटी के दौरान उसे जाति सूचक शब्द बोलने का आरोप लगाया है।

ट्रैफिक विभाग में तैनात कांस्टेबल गुरभेज सिंह ने जीएम पर आरोप लगाते हुए बताया कि अपने इंस्पेक्टर राम सिंह के साथ डिप्टी कमिश्नर के आदेशों पर मेन चौक में बसों के कारण लगने वाले जाम के संबंध में रोडवेज के जीएम राजेश्वर सिंह ग्रेवाल से मिलने के लिए आए थे । कांस्टेबल का आरोप था कि कार्यालय से बाहर एक शैड के नीचे बैठे हुए उनको एक फोन आ गया और वहां बैठ कर फोन को सुनने लगे उन्हें बिलकुल पता नही था कि उनके सामने जीएम बैठे हैं, लेकिन उनके सामने बैठे जीएम ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें वहां से चले जाने के लिए कहा। जब वह वहां से चले गए तो उनके साथ आए अन्य पुलिस कर्मचारियों को जीएम ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करके कहा कि आप उक्त कर्मचारी को अपने साथ क्यों लेकर आए है।

गुरभेज सिंह ने बताया कि वह उक्त मामले के संबध में बात करने के लिए करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक जीएम कार्यलय के आगे बैठे रहे लेकिन उनकी बात को किसी भी कर्मचारी समेत जीएम ने नहीं सुना। उसने बताया कि वह खुद के साथ हुए अभद्र व्यवहार के बारे में अपने उच्चाधिकारियों को अवगत करवाएगें।

मैंने किसी को नही बोले जाति सूचक शब्द : जीएम रोडवेज

जीएम रोडवेज राजेश्वर सिंह ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह किसी को भी बुरा भला नहीं कहते है और न ही उन्होंने उक्त कर्मचारी को बुरा भला कहते हुए कोई जाति सूचक शब्द बोला है।

Posted By: Jagran