सत्येन ओझा.मोगा

आखिरकार कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के भारी विरोध को दरकिनार करते हुए पार्टी नेतृत्व ने मोगा सीट से फिल्म अभिनेता सोनू सूद की बहन मालविका सूद को आधिकारिक रूप से प्रत्याशी घोषित कर दिया। उधर, बाघापुराना में विधायक दर्शन सिंह बराड़ व धर्मकोट में विधायक सुखजीत सिंह काका लोहगढ़ पर कांग्रेस ने दोबारा भरोसा जताया है। बाघापुराना से दर्शन सिंह बराड़ के लिए प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, जबकि धर्मकोट से सुखजीत सिंह काका लोहगढ़ के लिए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी टिकट घोषित होने से पहले ही वे पार्टी की रैलियों में उनके प्रत्याशी होने का संकेत देकर वोट मांग चुके थे। हालांकि क्षेत्रीय जनता में दर्शन सिंह बराड़ के कामकाज को लेकर कस्बे में उनके खिलाफ असंतोष का माहौल था। बाद में हिमाचल में अवैध रूप से वन विभाग की जगह पर क्रैशर लगाने के मामले में उनके बेटे पर हुए जुर्माने के बाद ये माना जा रहा था कि दर्शन सिंह बराड़ को दोबारा टिकट न मिले, लेकिन जिस प्रकार से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू विधायक दर्शन सिंह बराड़ के पक्ष में खड़े हुए थे, उसके बाद दर्शन बराड़ के लिए पार्टी में माहौल बदलने लगा था। उनके बेटे कमलजीत सिंह बराड़ को पार्टी का जिला प्रभारी बनाकर सिद्धू ने उनकी टिकट पर करीब तीन महीने पहले ही मुहर लगा दी थी।

निहालसिंह वाला में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रत्याशी के रूप में शिअद को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए भूपिदर सिंह साहोके को पार्टी का प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद जब साहोके को पार्टी ने उसी दिन ब्लाक निहालसिंह का अध्यक्ष बना दिया था, उसी दिन तय हो गया था, टिकट साहोके को मिलेगी। हालांकि साहोके को टिकट मिलने के बाद कांग्रेस में विद्रोह शुरू हो गया था। पूर्व जिलाध्यक्ष कर्नल बाबू सिंह आदि छह नेताओं ने साहोके को टिकट न देने का विरोध किया था, लेकिन पार्टी में उठी बगावत को नजर अंदाज करते हुए आखिरकार कांग्रेस ने अपनी पार्टी के किसी दिग्गज के बजाय शिअद से कांग्रेस में आए भूपिदर सिंह साहोके पर ही भरोसा किया। पुलिस कांस्टेबल की नौकरी छोड़कर करीब दो दशक पहले साहोके ने राजनीतिक पारी शुरू की थी। वे पिछले कई सालों से निहालसिंह वाला से शिअद की सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, टिकट न मिलने पर उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था।

जहां तक मोगा सीट का सवाल है तो मालविका सूद के कांग्रेस में आने की बात तय होने के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने डा.हरजोत कमल से अप्रत्यक्ष रूप से दूरी बना ली थी। हालांकि मालविका के कांग्रेस में शामिल होने पर डा.हरजोत कमल ने बागी रूप दिखाया तो मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि उनकी कैबिनेट के छह मंत्रियों ने डा.हरजोत को मनाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली।

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