जागरण संवाददाता.मोगा

जाली वसीयत तैयार कर न्यू टाउन के दो मकानों पर कब्जा करने के मामले में दो साल पहले दर्ज धोखाधड़ी के एक केस में आरआरआइ थाना की पुलिस ने मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर अदालत से उसका दो दिन का रिमांड हासिल किया है।

कनाडा के वेंकूवर में रहने वाली परमिदर कौर ढिल्लो पुत्री ध्यान सिंह ने साल 2019 में मनप्रीत सिंह पुत्र मेजर सिंह निवासी साफूवाला, बलजिदर सिंह पुत्र जसवंत सिंह निवासी डरौली भाई, दलजीत सिंह पुत्र सुखवंत सिंह निवासी गली नंबर छह दशमेश नगर, एडवोकेट हरजीत सिंह पुत्र गुरचरण सिंह निवासी निदावाला के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआइआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि

उसकी परमिदर की बहन शविन्दर कौर पुत्री श्याम सिंह निवासी न्यू टाउन की इन लोगों ने 22 अप्रैल 2019 को जाली वसीयत बना ली थी। वसीयत पर शविदर कौर के जाली हस्ताक्षर किए गए थे। ये जाली वसीयत मनप्रीत सिंह के हक में तैयार की गई थी। शविदर कौर की मौत 19 जून 2019 को हो गई थी। शविदर कौर की मौत के बाद 25 जुलाई 2019 को जाली वसीयत सब रजिस्ट्रार मोगा से रजिस्टर्ड कराई गई थी। इसी जाली वसीयत के नाम पर मनप्रीत सिंह ने शमिदर कौर की प्रापर्टी न्यू टाउन के मकान नंबर 545 व 546 पर कब्जा कर लिया। वसीयत केस में नामजद हरजीत सिंह ने अपने हाथों से लिखी थी। बलजिदर सिंह व दलजीत सिंह ने जाली वसीयत पर झूठी गवाही दी थी। शमिदर कौर ने अपने जीते जी अपनी प्रापर्टी नौ अक्टूबर 2018 को अपनी बहन परमिदर कौर ढिल्लों के हक में कर दी थी।

एनआरआइ थाना पुलिस ने वसीयत पर किए गए शविदर कौर के हस्ताक्षर की जांच कराई तो मनप्रीत सिंह के हक में तैयार की वसीयत में शमिदर कौर के हस्ताक्षर जाली पाए गए। इस मामले में आरोपितों के खिलाफ 25 दिसंबर 2019 को धारा 420, 465, 467, 468, 471, 448,120 बी के तहत केस दर्ज किया गया। इस मामले में आरोपित बलजिदर सिंह व दलजीत सिंह एडवोकेट व हरजीत सिंह की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

इससे अलावा परमिदर कौर ढिल्लों ने कुलदीप सिंह निवासी सरदार नगर के खिलाफ एक अलग से शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि कुलदीप सिंह उनकी बहन शमिदर कौर के मकान में किरायेदार बन कर रहा था। उसने मकान के किराये की रसीद पर शविदर कौर के जाली हस्ताक्षर करके अदालत में जाली रसीद की फोटो कापी पेश की थी। पुलिस ने उसे भी केस में शामिल कर लिया था। रसीद की जांच में शविदर कौर के हस्ताक्षर जाली पाए गए।

कुलदीप सिंह की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। मुख्य दोषी मनप्रीत सिंह की जमानत सेशन कोर्ट व पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट से खारिज हो चुकी है। बाद में उसने खुद 12 अक्टूबर को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपित को अदालत से दो दनिके रिमांड पर हासिल कर लिया है।

Edited By: Jagran