जागरण संवाददाता.मोगा

आशा वर्करों के दिन भर चले हाईप्रोफाइल ड्रामे के बाद आखिरकार थाना साउथ सिटी पुलिस ने निर्वाचित पार्षद भरत गुप्ता के खिलाफ अभद्रता करने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। इससे पार्षद भरत गुप्ता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस बीच नया पर्दाफाश हुआ है कि जिस संक्रमित पूजा की जांच करने आशा वर्कर पहुंची थीं, वह तो यहां रहती ही नहीं है न ही उसने मोगा में कोविड का कोई टेस्ट करवाया। मकान की मालकिन सुनीता गुप्ता की भांजी है और वहां नौकरी करती है। सवाल खड़ा हो गया है कि मथुरादास सिविल अस्पताल में जिन लोगों के कोविड टेस्ट किए जा रहे हैं कि उनका सही नाम पता तक दर्ज नहीं हो रहा है। इससे पहले भी सरदार नगर में ही दिलकुमारी नामक महिला के मामले में भी ऐसा हो चुका है। दिल कुमारी का पता रिकार्ड में किसी और का दर्ज कर लिया गया, मैसेज किसी और के फोन पर पहुंचे, जबकि दिलकुमारी संक्रमित होने के बावजूद एक चिकित्सक के घर में काम करती रही। क्या है मामला

आशा वर्करों ने बुधवार को निर्वाचित पार्षद पर ये आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था कि वह कोरोना संक्रमित पूजा गुप्ता नामक महिला की जांच करने पहुंची थी, इसी दौरान घर में मौजूद सुनीता नामक महिला के साथ विवाद हो गया था, उन्होंने निर्वाचित पार्षद भरत गुप्ता को मौके पर बुला लिया था। आशावर्कर मनप्रीत कौर व सुखबिदर गुप्ता का आरोप था कि भरत गुप्ता ने आकर मनप्रीत को घर में बंधक बनाने के लिए कहा तो महिला ने उसे घर में खींच लिया था, बाद में उनके साथ अभद्र भाषा में बात की। इस मामले में आशा वर्करों ने डीसी को भी ज्ञापन सौंपा था, उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया था। वीरवार को कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आशा वर्करों ने कांग्रेस विधायक डा.हरजोत कमल के दफ्तर पर धावा बोल दिया। हालांकि डा.हरजोत कमल ने पहले तो आशा वर्करों को काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया। हालातों को देखते हुए उन्हें आपस में बैठकर समझौता करने की भी सलाह दी लेकिन आशा वर्कर निर्वाचित पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी रहीं। बाद में विधायक ने अपनी संस्तुति के साथ डीएसपी सिटी को आशा वर्करों का शिकायती पत्र उन्हें सौंप दिया।

डीएसपी सिटी बरजिदर सिंह भुल्लर ने बताया कि जांच थाना साउथ सिटी के इंस्पेक्टर को सौंप दी गई है। जांच चल रही है जो भी सत्यता सामने आएगी, कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस पूरे मामले में सरदार नगर की महिला सुनीता गुप्ता ने जो बताया है वह चौंकाने वाला है। सुनीता गुप्ता का कहना है कि आशा वर्कर मनप्रीत कौर व सुखबिदर कौर ने उनसे आकर पूछा कि क्या वे संक्रमित हैं तो उन्होंने मना कर किया। बाद में उन्होंने पूछा कि पूजा गुप्ता कौन है तो उन्होंने बताया कि पूजा गुप्ता उनकी भांजी का नाम है वह फिरोजपुर में रहती है वह तो यहां कोरोना काल में आई ही नहीं, वह फिरोजपुर में ही नौकरी करती है। इस पर आशा वर्करों ने कहा कि वे तो अभी चली जाएंगी लेकिन सही नहीं बताया कि एम्बुलेंस उन्हें ले जाएगी। इस बात पर सुनीता गुप्ता डर गईं। उन्होंने भरत गुप्ता को मौके पर बुला लिया। सुनीता गुप्ता कहती हैं कि थोड़ा सा विवाद जरूर हुआ था, लेकिन बाद में घर में बैठकर उन्होंने सबको चाय पिलाई थी, दोनों आशा वर्कर भी चाय पीकर उनके घर से गई थीं, उन्हें तो आज पता चला कि इतना विवाद हो गया।

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