सत्येन ओझा.राजकुमार राजू.मोगा

मथुरादास सिविल अस्पताल में आखिरकार सात साल बाद 50 बेड की क्षमता के साथ अत्याधुनिक सुविधा वाले वूमेन एवं चाइल्ड केयर ब्लाक का स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने लोकार्पण किया। अस्पताल की इमारत का ढांचा अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में खड़ा हो गया था। ब्लाक के लिए करीब एक करोड़ से ज्यादा की राशि डीसी संदीप हंस ने केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट योजना के अंतर्गत जारी कर दी है।

स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने जिस ब्लाक का उद्घाटन किया, उसमें लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए कुछ वार्डों में पुराने टूटे बेड को वेल्डिंग व रंगरोगन कराकर बिछा दिया गया, तो कुछ में घरेलू फोल्डिंग बेड बिछाकर कंप्लीट ब्लाक बताकर उद्घाटन कर खूब तालियां ठुकवाईं। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने उद्घाटन के मौके पर इसे अपनी सरकार की उपलब्धि बताकर कैप्टन सरकार का गुणगान किया, वहीं स्वास्थ्य मंत्री अपनी ही कैप्टन सरकार से ब्लाक के लिए बेड एवं अन्य मेडिकल उपकरणों के लिए धनराशि तक नहीं दिला सके।

साल 2017 में कांग्रेस की सरकार आने के बाद इस इमारत का निर्माण बीच में रोक दिया गया था, बची हुई राशि सरकार ने विड्रा कर ली थी, जब निर्माण की कीमत काफी ज्यादा बढ़ गई, उसके बाद नये सिरे से राशि जारी कर बिल्डिग को कंप्लीट कराया। अभी तक सिर्फ ग्राउंड फ्लोर पर बने लेबर रूम में ही उपकरण आ सके हैं। वह भी एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट योजना के बजट से। बाकी पांच मंजिलों के लिए उपकरण व बेड अभी कुछ दिनों में ठेकेदार सप्लाई करेगा। बिल्डिग का नींव पत्थर नौ दिसंबर 2014 में अकाली-भाजपा सरकार के समय तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री रहे सुरजीत सिंह ज्याणी ने रखा था। क्या है एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट योजना

विकास में पिछड़े देश के 117 जिलों में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2018 में ये योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत जिलों को विकास काम के कुछ खास टास्क देकर उन्हें विकास के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई थी। पंजाब में मोगा व फिरोजपुर जिलों का इस योजना के तहत चयन किया गया था। डा.मथुरादास सिविल अस्पताल में नए बने ब्लाक में चिकित्सा के अत्याधुनिक तकनीक वाले उपकरणों के लिए पंजाब सरकार ने जब राशि देने से हाथ खड़े कर दिए। मामला डिप्टी कमिश्नर संदीप हंस के संज्ञान में आने पर उन्होंने केन्द्र की योजना के तहत मेडिकल उपकरण, बेड आदि खरीदने के लिए एक करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि उपलब्ध कराई, ताकि मरीजों को यहां बेहतर सुविधा मिल सके। उपकरणों के लिए टेंडर हो चुके हैं, ठेकेदार आने वाले कुछ समय में उपकरण सप्लाई करेगा। स्वास्थ्य मंत्री ये किया ये दावा

सेहत मंत्री बलबीर सिंह ने दावा किया कि 50 बिस्तरों की क्षमता वाला जच्चा-बच्चा अस्पताल 5.48 करोड़ रुपये की लागत के साथ तैयार किया गया है, जो हर सुविधा से लैस है। पूरे सूबे में ऐसे 29 अस्पताल मुकम्मल हो चुके हैं। आठ का निर्माण कार्य जारी है। सात और अस्पताल इसी साल चालू कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा लोगों को उच्च दर्जे की सेहत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जगह जगह हेल्थ वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। इन सेंटरों की संख्या 31 मार्च से पहले पहले 3000 कर दी जाएगी। उनके मंत्रित्व कार्यकाल में 13000 चिकित्सकों की भर्ती की है। 600 और डाक्टर की भर्ती की जा रही है। जमीनी हकीकत ये थी

मंत्री ने जिसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बताया उसका ग्राउंड फ्लोर पर सिर्फ लेबर रूप तैयार हुआ है। बाकी चारो मंजिलों पर न तो अत्याधुनिक प्रकार के बेड दिखे, ज्यादातर वार्डों में एक भी बेड नहीं दिखा, जहां दिखे वहां पुराने टूटे बैड को वेल्डिग व कलर कराकर उद्घाटन के लिए बिछा दिया था, पहली मंजिल के एक वार्ड में घरेलू फोल्डिग बेड पड़े थे, उन पर चादरें नई थीं, चादरें पलटते ही उसके नीचे फटे पुराने गद्दे दिख रहे थे, पहली मंजिल पर एक वार्ड की छत से पानी टपक रहा था, अन्य किसी फ्लोर पर बैड नहीं थे, मेडिकल उपकरण किसी भी फ्लोर पर लगे नहीं दिखे, सिर्फ बैड बिछे थे। प्रोटोकाल की उड़ी धज्जियां

मेयर प्रोटोकाल में शहर में प्रथम स्थान पर होता है, किसी भी विशिष्ट अतिथि के आगमन पर मेयर को ही अतिथि की मेजबानी करने का प्रोटाकाल है। संयोग से इस समय मेयर कांग्रेस की ही नीतिका भल्ला हैं, लेकिन उन्हें समारोह में आमंत्रित तो किया गया लेकिन उनके पद की गरिमा का ध्यान नहीं रखा गया। सेहत मंत्री उद्घाटन के बाद हास्पिटल के आंगन में बने मंच पर जिस समय मीडिया से बात कर रहे थे, विधायक व अन्य कांग्रेस नेता उनके बराबर में बैठ गए, मेयर काफी देर तक एक कोने में कुर्सी पर भीड़ के बीच में बैठी रहीं। विधायक ने जब बोलना शुरू किया जब जाकर मेयर उठकर मंत्री के बराबर जाकर बैठीं। मथुरादास सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डा.सुखप्रीत बराड़ की तो उनसे ज्यादा दुर्गति हुई, डा.सुखप्रीत को समारोह स्थल पर एक कोने में बैठा दिया गया, दिव्यांग होने के नाते वे कई जगह भीड़ में धक्के खाते हुए आयोजन स्थल तक मुश्किल से पहुंचे। अस्पताल के मुखिया होने के बावजूद किसी ने उन्हें पूछा तक नहीं। कोरोना नियमों का भी पालन नहीं

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह ने खुले में किसी समारोह में 300 से ज्यादा लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा रखी है, लेकिन मथुरादास सिविल अस्पताल में 50 बेड के वूमेन एंड चाइल्ड केयर ब्लाक के उद्घाटन के मौके पर इंडोर कार्यक्रम में 300 से ज्यादा लोग मौजूद थे, जिनमें से ज्यादातर कांग्रेस के कार्यकर्ता थे, न किसी के चेहरे पर मास्क था न ही शारीरिक दूरी का पालन किया गया। सिर्फ मंत्री बलबीर सिंह ने मास्क पहन रखा था, लेकिन तीनों विधायक डा.हरजोत कमल, सुखजीत सिंह काका लोहगढ़, दर्शन सिंह बराड़ के चेहरे पर भी मास्क नहीं थे।

इस मौके पर सिविल सर्जन डा.अमरप्रीत कौर बाजवा, सहायक सिविल सर्जन डा.जसवंत सिंह, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डा.राजेश अत्री, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन विनोद बंसल, सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीन कुमार शर्मा, डिप्टी मेयर अशोक धमीजा, कांग्रेस के शहर अध्यक्ष जतिदर अरोड़ा कर्नल बाबूसिंह, इन्द्रजीत सिंह बीड़ चड़िक आदि मौजूद थे।

Edited By: Jagran