जागरण संवाददाता, मोगा : निगम कमिश्नर की निगम की वापसी, मुलाजिमों के साथ अपमानजनक व्यवहार आदि आरोप लगाते हुए मेयर व 34 पार्षदों की ओर से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की गई रिट पटीशन सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए अदालत ने प्रिसिपल सेक्रेटरी लोकल बॉडी, डायरेक्टर ल8कल बॉडी, डीसी, निगम कमिश्नर को नोटिस ऑफ मोशन जारी किया है।

मेयर अक्षित जैन व अन्य की ओर से हाईकोर्ट में जारी रिट पिटीशन में कहा गया है कि निगम कमिश्नर अनीता दर्शी साल 2016 से लेकर साल 2018 के मध्य निगम हाउस में पास किए कामों के टेंडर न लगाकर वे शहर के विकास कार्यों में बाधा बन रही हैं। जिन कामों के टैंडर लग भी जाते हैं, उन कामों को किसी न किसी बहाने से डिले करा देती हैं। वे राजनीति आकाओं को खुश करने के लिए विकास के कामों में बाधा बन रही हैं। टैंडर के मंजूर रेट को वित्त एवं ठेका कमेटी में भेजने में आनकानी की जा रही है।

लगभग 75 पेज की रिट पिटीशन में मेयर अक्षित जैन ने निगम कमिश्नर के खिलाफ तमाम डॉक्यूमेंट लगाए हैं। रिट के साथ निगम के दफ्तरी मुलाजिमों की ओर से कमिश्नर पर अपमानजनक व्यवहार के आरोपों का पत्र भी साथ लगाया है।

रिट पिटीशन अदालत ने सुनवाई के लिए मंजूर कर ली है। रिट पिटीशन में आउटडोर विज्ञापन का ठेका मनमर्जी से उठाने व दस्तावेजों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। संयुक्त सचिव ने दो मुलाजिमों को किया तलब

इस बीच निगम के दफ्तरी मुलाजिम यूनियन के प्रधान विपिन हांडा व यूनियन के ही सदस्य प्रेम कुमार को संयुक्त सचिव ने 19 जुलाई को उनके साथ बैठक में शामिल होने के लिए पाबंद किया है। हालांकि यूनियन के प्रधान विपिन हांडा का कहना है कि निगम कमिश्नर के खिलाफ प्रदर्शन की हर जानकारी वे सरकार को देते रहे थे, इसी के चलते उन्हें संयुक्त डायरेक्टर ने बातचीत के लिए बुलाया है, उधर पत्र में जिस प्रकार की सख्त भाषा का प्रयोग किया गया है, उससे मामला कुछ और नजर आ रहा है।

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Posted By: Jagran